नई दिल्ली, जेएनएन। वैक्सीनेशन ही जान भी बचाएगा और जहान भी। कुछ इसी संदेश के साथ 21 जून से अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में जागरूकता अभियान का नया चरण तेज होगा, जिसमें जमीनी स्तर पर लोगों में भरोसा बढ़ा रहे स्वयं सहायता समूहों के साथ ही दर्जनों धर्मगुरु भी उतरेंगे। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र रामपुर से होगी। केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी इस अभियान की शुरुआत करेंगे।

धर्मगुरुओं के जुड़ने से तेजी के आसार

एक महीने पहले वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर शोर था लेकिन इसके बावजूद खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर उदासीनता अब तक जारी है। ऐसे में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय के लगभग ढाई करोड़ स्वयं सहायता समूह जागरूकता के काम में लगे थे। अब धर्मगुरुओं के जुड़ने से इसमें तेजी आने के आसार हैं।

यह है इस अभियान का मकसद

नकवी ने कहा कि यह अभियान कुछ स्वार्थी तत्वों की ओर से फैलाए गए भ्रम को दूर करने के लिए चलाया जाएगा। धर्मगुरुओं का संदेश अलग-अलग माध्यमों से प्रसारित किया जाएगा। वे अलग-अलग क्षेत्र में व्यक्तिगत रूप से भी संदेश देंगे। नुक्कड़ नाटकों के जरिये भी बताया जाएगा कि वैक्सीन जान और जहान बचाने के लिए है। इसका शरीर पर कोई दुष्परिणाम नहीं है। जो लोग वैक्सीन लेंगे वह खुद को भी बचाएंगे और अपने परिवार और समाज को भी।

वैक्सीनेशन के चौथे चरण की हो रही शुरुआत

21 जून से ही केंद्र सरकार की ओर से वैक्सीनेशन के चौथे चरण की शुरुआत भी हो रही है। उस दिन से सभी वर्गो के लिए केंद्र सरकार की ओर से मु्फ्त वैक्सीन दी जाएगी। फिलहाल रोजाना औसतन 32-33 लाख टीके रोज लगाए जा रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि इसे बढ़ाकर कम से कम 55-60 लाख तक किया जाए ताकि सितंबर तक देश की बड़ी आबादी के पास सुरक्षा कवच हो।

इन धर्मगुरुओं ने दी अभियान में भाग लेने की सहमति

नकवी की अपील पर दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी, जैन धर्मगुरु आचार्य लोकेश मुनी, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख मनजिंदर सिंह सिरसा, आल इंडिया सूफी सज्जादानशीन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती समेत कई अन्य ने जागरूकता के लिए मैदान में उतरने की सहमति दे दी है।