जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आटे में मिलावट की आ रही खबरों को खाद्य उत्पाद बनाने वाली कंपनी आइटीसी ने निराधार बताया है। कंपनी ने जनता को आश्वस्त किया है कि ब्रांडेड कंपनियों के आटे में प्लास्टिक की मिलावट संभव नहीं है। आटा गूंथने के बाद खिंचाव उसमें ग्लूटेन नामक प्रोटीन की वजह से आता है जिससे सरकार के नियमों के तहत मिलाया जाता है।

पिछले दिनों सोशल मीडिया पर इस तरह के कई वीडियो प्रचलन में रहे हैं जिसमें बताया गया है कि आटा गूंथने के बाद उसमें इलास्टीसिटी की वजह उसमें प्लास्टिक की मिलावट होना है। आइटीसी के आशीर्वाद ब्रांड समेत कई कंपनियों द्वारा निर्मित आटे को लेकर इस तरह के आरोप लगे हैं।

आइटीसी की फूड डिवीजन के डिविजनल चीफ एक्जीक्यूटिव हेमंत मलिक ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि वीडियो में जिस तत्व को प्लास्टिक बताया जा रहा है वह दरअसल सफेद प्रोटीन है जिसे आटे में मिलाने के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंड‌र्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआइ) के मानकों के मुताबिक मिलाया जाता है। रेगुलेटर के मुताबिक आटे में न्यूनतम छह फीसद ग्लूटेन मिलाना आवश्यक है। जिस तरह के वीडियो आशीर्वाद आटे को लेकर सोशल मीडिया में चल रहे हैं, अदालत ने भी ऐसे वीडियो को चलाने पर रोक लगायी है।

खाद्य विशेषज्ञों के मुताबिक आटे में मिश्रित इस सफेद प्रोटीन को ग्लूटेन कहा जाता है। दरअसल यही ग्लूटेन आटे को बांधने का काम करता है। यदि यह न हो तो आटे की रोटी बनाना संभव नहीं है। आटे में यह खिंचाव इसी प्रोटीन की वजह से आता है।

 

Posted By: Kishor Joshi