चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष एवं अनुसंधान संगठन [इसरो] 25 फरवरी को एक साथ सात सेटेलाइट लांच कर अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई इबारत लिखने की तैयारी में है। इन सेटेलाइट को पीएसएलवी-सी20 रॉकेट से इसरो के श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से प्रक्षेपित किया जाएगा।

करीब सात सौ किलोग्राम वजनी इन सेटेलाइट में भारत और फ्रांस के सहयोग से बना सेटेलाइट सरल भी है। सरल को इससे पहले 12 दिसंबर को प्रक्षेपित किया जाना था, लेकिन उसके टिकाऊपन पर जोर देते हुए अतिरिक्त परीक्षण का फैसला किया गया। सरल के साथ आस्ट्रिया, डेनमार्क, ब्रिटेन और कनाडा के छोटे सेटेलाइट का प्रक्षेपण होना है। इसरो से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इसमें सरल का वजन ही 410 किलो है। सरल के दो पेलोड अरगोस और अलटिका फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी सीएनईएस ने तैयार किए हैं, जबकि सेटेलाइट का निर्माण इसरो और अंतरिक्ष विभाग ने किया है। सरल के आंकड़ों से समुद्री अध्ययन, मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु निगरानी और शोध आदि में मदद मिलेगी।

इसरो सूत्रों के मुताबिक रॉकेट में सेटेलाइट लगाने के बाद फिर उनका सघन निरीक्षण होगा। इसके बाद ऊष्मारोधी परत और वायुमंडल से बाहर जाते समय होने वाले नुकसान से सेटेलाइटों को बचाने वाले उपकरण फिट किए जाएंगे। लांचिंग पैड 22 को खोला जाएगा। आखिरी 59 घंटों की उल्टी गिनती के दौरान रॉकेट में ईंधन भरा जाएगा।

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