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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chandrayaan-3: चंद्रयान-3 चांद की अगली ऑर्बिट में आज करेगा एंट्री, जानें

By Jagran NewsEdited By: Abhinav Atrey
Published: Mon, 14 Aug 2023 10:16 AM (IST)

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि भारत का तीसरा चंद्र मिशन चंद्रयान-3 चंद्रमा के और करीब पहुंच गया ...और पढ़ें

चंद्रयान-3 चांद की अगली ऑर्बिट में आज करेगा एंट्री (फाइल फोटो)
चंद्रयान-3 चांद की अगली ऑर्बिट में आज करेगा एंट्री (फाइल फोटो)

HighLights

  1. लैंडिंग के लिए सटीक जगह चुनी जाएगी
  2. 5 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया

दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि भारत का तीसरा चंद्र मिशन चंद्रयान-3 चंद्रमा के और करीब पहुंच गया है। चंद्रयान-3 चांद की अगली ऑर्बिट में आज (सोमवार) को प्रवेश करेगा। चंद्रयान सोमवार को सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे के बीच एक और महत्वपूर्ण पड़ाव को पार करेगा।

इसरो ने 9 अगस्त को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में पहले ही बता दिया था कि "चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह के और भी करीब पहुंच गया है। आज चंद्रयान-3 की कक्षा घटकर 174 किमी x 1437 किमी रह गई है। एजेंसी ने कहा कि अगला ऑपरेशन 14 अगस्त 2023 को 11:30 से 12:30 बजे के बीच निर्धारित है।"

लैंडिंग के लिए सटीक जगह चुनी जाएगी

एक बार आवश्यक युद्धाभ्यास पूरा हो जाने के बाद चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंडिंग के लिए एक सटीक जगह चुनी जाएगी। इसके बाद, जब लैंडर कक्षा में होगा तो प्रणोदन मॉड्यूल (Propulsion Module) उससे अलग हो जाएगा और लैंडर ऑर्बिट से धीरे से नीचे उतरने का प्रयास करेगा।

अगला ऑपरेशन 16 अगस्त को

इसरो ने ट्वीट किया, "कक्षा का गोलाकार चरण शुरू हो गया है। आज किए गए सटीक युद्धाभ्यास ने 150 किमी x 177 किमी के पास-गोलाकार ऑर्बिट हासिल की है। अगला ऑपरेशन 16 अगस्त, 2023 को लगभग 8:30 बजे निर्धारित है।"

5 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया

चंद्रयान-3 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, भारत का तीसरा चंद्र मिशन है। इसी साल 14 जुलाई को चंद्रयान-3 श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक चंद्रमा के लिए रवाना किया गया था, 5 अगस्त को अंतरिक्ष यान सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर गया। आने वाले समय में चंद्रयान-3 के कुछ बहुत महत्तवपूर्ण जानकारियां भेजेगा, जो भारत के लिए मील का पत्थर साबित होगा।