जम्मू [राज्य ब्यूरो]। देश का दूसरा स्पेस सेंटर जम्मू में बनाने का कार्य गुरुवार को शुरू हो गया। एटामिक, स्पेस विभाग, उत्तर पूर्वी राज्यों के विकास और प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (इसरो) के चेयरमैन डॉ. के सिवन की मौजूदगी में सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू में देश का दूसरा और उत्तर भारत का पहला स्पेस सेंटर बनाने के लिए दो अनुबंध हुए।

जम्मू में सतीश धवन सेंटर फॉर साइंस बनाने के लिए इसरो व जम्मू सेंट्रल यूनिवर्सिटी में गुरुवार को दो अनुबंध हुए। इस मौके पर डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. के राधाकृष्णन व जम्मू सेंट्रल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. अशोक एमा और कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सांबा जिले के राया सुचानी में 1150 वर्ग मीटर में बनने जा रहा सतीश धवन सेंटर फॉर स्पेस साइंस अगले वर्ष के अंत तक काम करने लगेगा। पहला स्पेस सेंटर दक्षिण भारत में करीब पांच दशक पहले स्थापित हुआ था। जम्मू के साथ त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में भी जल्द स्पेस सेंटर बनाने की मुहिम शुरू होगी। जम्मू में बनने जा रहा स्पेस रिसर्च सेंटर राज्य के साथ पड़ोसी राज्यों के लिए भी अहम साबित होगा। इससे युवाओं के लिए रोजगार के साधन पैदा होंगे।
ISRO Center

इस मौके पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि स्पेस सेंटर राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगा। स्पेस तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आज इसका इस्तेमाल मौसम, रेल प्रबंधन और सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र में शौचालय तलाशने तक के लिए भी किया जा रहा है।

इसरो के चेयरमैन ने कहा कि यह स्पेस सेंटर आने वाले समय में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ, शिक्षा, संचार, मौसम के पूर्वानुमान में बहुत कारगर साबित होगा। इससे युवाओं को स्पेस साइंस के क्षेत्र में योगदान देने का अच्छा अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि इसरो मानवता की सहायता के लिए इसके संथापकों डॉ. विक्रम साराभाई व प्रो. सतीश दीवान द्वारा शुरू किए मिशन पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जम्मू में स्पेस सेंटर बनने से होने वाले अन्य फायदों के बारे में भी जानकारी दी।

स्पेस साइंस पर सेमीनार शुरू
सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू में स्पेस साइंस के महत्व पर गुरुवार को दो दिवसीय सेमीनार शुरू हो गया। सेमीनार का शुभारंभ डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया। सेमीनार का आयोजन युवाओं को स्पेस, एस्ट्रोनामी, वायुमंडल विज्ञान व संबधित क्षेत्रों में शोध करने के लिए जागरूक करना है। इस मौके पर डॉ. सिंह ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में देश में हुई प्रगति का हवाला देते हुए कहा कि आज दुनिया के कई देश अपने उपग्रह अंतरिक्ष में छोड़ने के लिए भारत का रूख करते हैं। स्पेस क्षेत्र में देश को नई उंचाईयों तक ले जाने के लिए प्रयास जारी हैं।

सेंटर को विशिष्ट पहचाने दिलाएंगे डॉ. के राधाकृष्णन
जम्मू में जल्द बनने जा रहे स्पेस सेंटर को विश्व विख्यात वैज्ञानिक, इसरो के पूर्व चैयरमैन व मंगलयान मिशन के प्रणेता डॉ. के राधाकृष्णन विशिष्ट पहचान दिलाएंगे। डॉ. राधाकृष्णन जल्द बनने जा रहे स्पेस सेंटर के सलाहकार हैं। सलाहकार बनाने का आग्रह स्वीकार करने के बाद इस संबंध में वह जम्मू के कई दौरे कर चुके हैं। जम्मू की तरह ही एक स्पेस सेंटर उत्तर पूर्वी राज्य त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में भी स्थापित किया जा रहा है। यह सेंटर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी त्रिपुरा की देखरेख में कार्य करेगा।

Posted By: Vikas Jangra