नई दिल्‍ली, एजेंसी। Chandrayaan2 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग के साथ ही अंतरिक्ष में एक और इतिहास रच दिया। चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के मौके पर इसरो प्रमुख ने अपनी टीम को बधाई देते हुए कहा कि मैं यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी महसूस कर रहा हूं कि जीएसएलवी एमके-3 एम-1 (GSLVMkIII-M1) ने चंद्रयान-2 (Chandrayaan2) को धरती की कक्षा में स्‍थापित कर दिया है। यह लॉन्चिंग चंद्रमा की ओर भारत की एतिहासिक यात्रा की शुरुआत है।  

ISRO Chief K Sivan: After that technical snag we had, we fixed it & now ISRO has bounced back with flying colours. #Chandrayaan2 #ISRO https://t.co/5Ubd1M9ZbA" rel="nofollow

— ANI (@ANI) July 22, 2019

इसरो प्रमुख ने कहा कि इसरो की टीम के वैज्ञानिकों ने अपना घर-परिवार छोड़कर पिछले सात दिनों में चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के लिए दिन-रात एक कर दिया था। टीम इसरो के इंजिनियरों और तकनीकी स्टाफ की कठोर मेहनत की बदौलत ही हम यहां तक पहुंचे हैं। पिछली बार हमने समय रहते ही तकनीकी खामी का पता करके इसे तुरंत दुरुस्‍त कर दिया था। 

शिवन ने कहा कि चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग करके हमने तिरंगे को सम्मान दिया है। यह लॉन्चिंग हमारी सोच से भी बेहतर हुई है। लेकिन, चुनौती अभी खत्‍म नहीं हुई है। हमें अपने अगले मिशन पर लगना है। हम हर बार की तरह अपने प्रबंधन की ओर से दिए गए कार्यों को सफलता पूर्वक पूरा करेंगे। चंद्रयान-2 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। यह तीन सैटलाइट मिशन है। चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान चांद की सतह पर उतरेंगे। 

चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि यह विशेष क्षण है जो हमारे गौरवशाली इतिहास में दर्ज होगा। चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण हमारे वैज्ञानिकों की तरक्‍की को दर्शाता है। इससे देश के युवाओं की रूचि विज्ञान की ओर बढ़ेगी। आज हर भारतीय को गर्व है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ISRO की सराहना करते हुए कहा कि चंद्रयान-2 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के करीब उतरने वाला दुनिया का पहला अंतरिक्ष यान होगा।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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