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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'मुझे चांद की ग्रैविटी महसूस हो रही है', चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश के बाद ISRO को चंद्रयान-3 का पहला संदेश

By AgencyEdited By: Mohd Faisal
Published: Sat, 05 Aug 2023 08:06 PM (IST)Updated: Sat, 05 Aug 2023 09:34 PM (IST)

Chandrayaan-3 चंद्रयान-3 चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया है। इसरो ने ट्वीट कर जानकारी दी है। इसरो ने ...और पढ़ें

Chandrayaan-3: चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हुआ चंद्रयान-3, इसरो ने ट्वीट कर दी जानकारी (फोटो इसरो
Chandrayaan-3: चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हुआ चंद्रयान-3, इसरो ने ट्वीट कर दी जानकारी (फोटो इसरो

HighLights

  1. चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हुआ चंद्रयान-3
  2. इसरो ने ट्वीट कर दी सफलता की जानकारी।
  3. 14 जुलाई को लॉन्च हुआ था चंद्रयान-3 मिशन।

नई दिल्ली, एजेंसी। Chandrayaan-3: चंद्रयान-3 चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया है। इसरो ने ट्वीट कर जानकारी दी है। इसरो ने बताया कि चंद्रयान-3 का अगला ऑपरेशन 6 अगस्त, 2023 को लगभग 23:00 बजे के लिए निर्धारित है।

चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हुआ चंद्रयान-3

भारत का चंद्रयान-3 चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को ट्वीट कर बताया कि चंद्रयान-3 को चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया है। यान को उस समय चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कराया गया जब उसकी अभीष्ट कक्षा चांद से सबसे नजदीकी बिंदु पर थी। इस प्रक्रिया को मिशन आपरेशंस कांप्लेक्स (एमओएक्स), इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क बेंगलुरु से पूरा किया गया। रविवार को भारतीय समयानुसार लगभग रात 11 बजे चंद्रमा की अगली कक्षा में पहुंचाने की प्रक्रिया (रिडक्सन आफ आर्बिट) पूरी की जाएगी।

इसरो ने अपने केंद्रों को संदेश भी साझा किया, जिसमें लिखा था, मैं चंद्रयान-3 हूं। चंद्र गुरुत्वाकर्षण महसूस कर रहा हूं।

चौथा देश बन जाएगा भारत

यान अब अगले कुछ दिन यान चांद की कक्षा में परिक्रमा करेगा। क्रमिक रूप बदलाव करते हुए यान को चांद की निकटतम कक्षा में पहुंचाया जाएगा। 23 अगस्त को यान के लैंडर-रोवर को चंद्रमा की सतह पर उतारा जाएगा। अब तक अमेरिका, रूस और चीन ने ही चांद की सतह पर अपने लैंडर उतारे हैं। भारत ने 2019 में चंद्रयान-2 मिशन के तहत लैंडर को उतारने का प्रयास किया था। हालांकि आखिरी क्षणों में लैंडर से संपर्क टूट गया था और उसकी क्रैश लैंडिंग हो गई थी। इस बार लैंडिंग सफल रहने के बाद भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा।

14 जुलाई को लॉन्च हुआ था मिशन

बता दें कि चंद्रयान-3, 14 जुलाई को लॉन्च हुआ था। इसके बाद से ही अंतरिक्ष यान चंद्रमा की लगभग दो-तिहाई दूरी तय कर चुका है। चंद्रयान-3 को प्रक्षेपित किए जाने के बाद से उसे कक्षा में ऊपर उठाने की प्रक्रिया को पांच बार सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।

इससे पहले एक अगस्त को अंतिरक्ष यान को पृथ्वी की कक्षा से ऊपर उठाकर चंद्रमा की ओर बढ़ाने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया और यान को ‘ट्रांसलूनर कक्षा’ में डाल दिया गया था।