नई दिल्ली, एजेंसियां। इजरायल और हमास के बीच सीजफायर हो गया है। दोनों देशों के बीच पिछले 11 दिनों से चल रही जंग अब जाकर खत्म हो गई है। इजरायल के डिप्टी राजदूत रोनी येदिदिया क्लेन ने कहा है कि हम हमास के साथ युद्धविराम पर पहुंच गए हैं और हमें उम्मीद है कि हमास की ओर से और कोई गोलीबारी नहीं होगी। क्लेन ने कहा कि जब कुछ होता है, तो हम अपने समकक्षों के साथ निरंतर संपर्क में रहते हैं, जैसे भारत में विदेश मंत्रालय के साथ। 

हिंसा को रोकने के लिए अमेरिका, मिस्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय समूहों के बढ़ते दबाव के बाद शुक्रवार को संघर्ष विराम लागू हुआ। इजरायल की सिक्यूरिटी कैबिनेट ने गुरुवार देर रात संघर्ष विराम के लिए मतदान किया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय के एक बयान के अनुसार, सिक्यूरिटी कैबिनेट ने सर्वसम्मति से जंग को समाप्त करने पर सहमति व्यक्त की।

इससे पहले हमास के एक शीर्ष कमांडर ने शुक्रवार तक संघर्ष विराम होने की उम्मीद जताई थी। हमास के सियासी दफ्तर के वरिष्ठ अधिकारी मूसा अबू मरजौक ने एक लेबनानी टीवी से कहा था, 'मुझे लगता है कि संघर्ष विराम को लेकर चल रहे प्रयास सफल होंगे। मुझे उम्मीद है कि आपसी सहमति से एक-दो दिन में संघर्ष विराम के लिए समझौता हो सकता है।

गत 10 मई से अब तक इजरायल गाजा में सैकड़ों हवाई हमले कर चुका है। इनमें हमास के टनल नेटवर्क समेत ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। जबकि हमास इजरायली शहरों पर अब तक चार हजार से ज्यादा राकेट दाग चुका है। इस संघर्ष में अब तक 65 बच्चों और 39 महिलाओं समेत 230 फलस्तीनियों की मौत हुई है। इजरायल में 12 लोगों की जान गई है। संघर्ष के चलते करीब 58 हजार फलस्तीनियों ने पलायन किया है।

बता दें कि इजरायल और हमास दोनों ने संघर्ष में अपनी-अपनी जीत का दावा किया है, जिसमें 240 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिसमें इजरायल में रहने वाला एक भारतीय भी शामिल है। 30 वर्षीय सौम्या संतोष की गाजा से फिलिस्तीनी आतंकवादियों द्वारा किए गए रॉकेट हमले में मौत हो गई थी। केरल के इडुक्की जिले के रहने वाले संतोष ने दक्षिणी इजरायल के तटीय शहर रहते थे।

Edited By: Manish Pandey