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2027 चुनाव से पहले यूपी-पंजाब और मणिपुर में अशांति फैलाने की फिराक में ISI, खुफिया एजेंसियों ने किया अलर्ट

Published: Thu, 08 Oct 2026 11:46 PM (GMT+05:30)

खुफिया एजेंसियों ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश, पंजाब और मणिपुर में पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा अस्थिरता फैलाने की साजिश की चेतावनी दी है।

2027 चुनाव से पहले यूपी, पंजाब और मणिपुर में अशांति फैलाने की साजिश में ISI।

2027 चुनाव से पहले यूपी, पंजाब और मणिपुर में अशांति फैलाने की साजिश में ISI।

HighLights

  1. आईएसआई 2027 चुनावों से पहले अस्थिरता फैलाने की फिराक में।

  2. यूपी, पंजाब, मणिपुर में आतंकी हमले, ड्रग्स तस्करी की साजिश।

  3. भारतीय युवाओं की भर्ती कर रही आईएसआई, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। खुफिया एजेंसियों ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) द्वारा उत्तर प्रदेश, पंजाब और मणिपुर में अस्थिरता पैदा करने की साजिश को लेकर चेतावनी दी है। अगले साल फरवरी-मार्च में उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं।

इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी के अनुसार, आईएसआई की गतिविधियों में उत्तर प्रदेश में आतंकी हमलों और जासूसी गतिविधियों को बढ़ावा देना, पंजाब में हथियारों एवं ड्रग्स की तस्करी तथा छिटपुट ग्रेनेड हमलों और मणिपुर में व्यापक अशांति भड़काने के साजिश शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले आईएसआई ने शहजाद भट्टी को भारतीय युवाओं की भर्ती का जिम्मा सौंपा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि भर्ती किए गए युवाओं को हमलों के अलावा संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी लगाने, निगरानी करने, ड्रग्स की तस्करी और नकली भारतीय मुद्रा के प्रसार जैसे काम सौंपे गए।

अधिकारियों के अनुसार, पंजाब और उत्तर प्रदेश में ऐसी भर्तियों पर विशेष ध्यान दिया गया और चुनाव से पहले तथा चुनाव के दौरान हिंसक गतिविधियों की तैयारी की गई।

पंजाब में आईएसआई समर्थित नेटवर्क को बड़ी मात्रा में हथियार और ड्रग्स पहुंचाने का निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, छिटपुट ग्रेनेड हमलों और तोड़फोड़ का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों को व्यस्त रखना तथा खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को हवा देना हो सकता है, जिससे तस्करी के नेटवर्क पर निगरानी कमजोर पड़े।

मणिपुर में 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा में कमी आई है, लेकिन कई विवादित मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं। केंद्र सरकार स्थायी शांति के प्रयास कर रही है। सुरक्षा अधिकारियों ने आशंका जताई है कि निहित स्वार्थ वाले समूह अफवाहों के जरिए तनाव बढ़ा सकते हैं।

उनके अनुसार, आईएसआई बांग्लादेश और भारत में मौजूद सहयोगियों के माध्यम से अशांति को पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों तक फैलाने की कोशिश कर सकती है। (समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)