नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल व उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए छह आतंकियों से पूछताछ में खतरनाक जानकारी सामने आई है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आइएसआइ) व अंडरव‌र्ल्ड से जु़ड़े ये आतंकी खौफनाक मिशन पर थे। देश में एक बार फिर संसद हमले जैसी साजिश रची जा रही थी। इसके लिए इन आतंकियों को पूरी तरह से जिहादी बनाया गया। पकड़े गए ओसामा व जीशान को उसी कैंप में प्रशिक्षण दिया गया, जहां मुंबई हमले के आतंकी अजमल कसाब को तैयार किया गया था।

खुफिया एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान के थट्टा इलाके में बने कैंप में आतंकियों को प्रशिक्षण देने का काम पाकिस्तानी सेना व आइएसआइ लंबे समय से कर रही है। लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मुहम्मद जैसे संगठनों के आतंकियों को वहीं पर प्रशिक्षण दिया जाता है। गाजी नाम के मेजर जनरल की देखरेख में जीशान और ओसामा को प्रशिक्षण दिया गया। दोनों को लेकर सादे कपड़ों में आर्मी का अफसर कैंप में गया था। उसे प्रशिक्षण देने वालों ने सलामी दी थी। एक अधिकारी के मुताबिक दोनों आतंकियों ने पूछताछ में बताया कि पैसे के लिए नहीं, बल्कि जिहाद के लिए प्रशिक्षण लेने पाकिस्तान गए थे।

अमृतसर में ड्रोन से गिराए गए थे हथियार

अधिकारियों के मुताबिक इस माड्यूल में कई और आतंकी हैं। इनके पास अंडरव‌र्ल्ड डान दाउद इब्राहिम के भाई अनीस इब्राहिम के जरिये आइएसआइ हथियार व विस्फोटक पहुंचा रही थी। बीते अगस्त माह में अमृतसर में पाकिस्तानी ड्रोन से 100 पिस्टल, ब़़डी संख्या में टिफिन बम, हैंड ग्रेनेड, आरडीएक्स व अन्य विस्फोटक सामग्री इसी माड्यूल के लिए गिराई गई थी। इनके पास पहुंचने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियों ने उसे जब्त कर लिया था।

नए रूट से सकते में सुरक्षा एजेंसियां

स्पेशल सेल का कहना है कि दुबई, ओमान व मस्कट जैसी जगहों पर लोग आमतौर पर पैसा कमाने के मकसद से जाते हैं, लेकिन इस नए रूट का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए होने की जानकारी से सुरक्षा एजेंसियां सकते में आ गई हैं। ओसामा उर्फ समी और जीशान को पाकिस्तान में प्रशिक्षण दिलाने के लिए यही रूट लिया गया।

अदालत ने भेजा 14 दिन के रिमांड पर 

सभी छह आतंकियों को बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। स्पेशल सेल के मुताबिक जान मुहम्मद शेख 20 साल पहले अंडरव‌र्ल्ड से जु़ड़ा था। उसकी अनीस इब्राहिम से सीधी बात होती थी। सूत्रों के मुताबिक आइएसआइ और अनीस इब्राहिम ने इस माड्यूल को दो ग्रुप में बांटा था। पहला ग्रुप रायबरेली के मूलचंद व मुंबई के जान मुहम्मद का था, जो सीधा अंडरव‌र्ल्ड से जु़ड़ा था। दोनों का काम फंड जुटाने से लेकर हथियार मुहैया कराना था। दूसरा ग्रुप दिल्ली के जामिया नगर के ओसामा और प्रयागराज के जीशान का था, जिनका काम रेकी करना था।

एमबीए डिग्रीधारी जीशान दुबई में करता था नौकरी

जीशान एमबीए पास है और दुबई में अकाउंटेंट था। लाकडाउन के दौरान भारत आकर उसने खजूर का धंधा शुरू किया था। लखनऊ से गिरफ्तार आमिर इसी जीशान का रिश्तेदार है। मूलचंद उर्फ लाला किसान है। वह भी डी कंपनी के संपर्क में था। बहराइच का रहने वाला मुहम्मद अबू बकर भी जेद्दा में रह चुका है। दिल्ली से गिरफ्तार ओसामा का परिवार ड्राई फ्रूट का काम करता है, जिसकी वजह से ओसामा मिडिल ईस्ट के देशों में कई बार व्यापार के सिलसिले में जाता रहा है।

Edited By: Tanisk