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ISI ने भारत में जासूसी का बजट बढ़ाकर किया 1300 करोड़ रुपये, भारतीय नौसेना और वायुसेना निशाने पर

Published: Fri, 16 Oct 2026 11:17 PM (IST)

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारत में जासूसी के लिए अपना बजट बढ़ाकर 1300 करोड़ रुपये कर दिया है, ...और पढ़ें

भारत में ISI की नापाक साजिश (सांकेतिक फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने में नाकाम रहने से हताश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने भारत में जासूसी का बजट बढ़ाकर 1,300 करोड़ रुपये कर दिया है। पिछले साल आपरेशन सिंदूर में हुई बेइज्जती और नुकसान का बदला लेने के लिए एजेंसी खर्च बढ़ा रही है।

खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल भारतीय नौसेना और वायुसेना में मानव खुफिया (एचयूएमआईएनटी) नेटवर्क बनाने पर केंद्रित है।

खुफिया ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर से पहले भारत के खिलाफ जासूसी का सालाना बजट 800 से 900 करोड़ रुपये था। संवेदनशील जानकारी रखने वाले कार्यालयों को हनी ट्रैप के जरिये या सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर निशाना बनाया जा रहा है। अहम ठिकानों पर काम करने वालों को अब 15 लाख से 25 लाख रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि पहले यह राशि 10 लाख से 15 लाख रुपये थी।

अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में सामने आए मामले सबसे चिंताजनक रहे। ये भारतीय नौसेना में मानव खुफिया नेटवर्क बनाने की आईएसआई की कोशिशों को उजागर करते हैं।

विशाखापत्तनम में आंध्र प्रदेश पुलिस, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और खुफिया एजेंसियों के संयुक्त अभियानों में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के साथ विशाखापत्तनम नौसैनिक डाकयार्ड की गोपनीय और अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने का आरोप है। गिरफ्तार लोगों में 13 भारतीय नौसेना के जवान हैं।

रक्षा बलों के जवानों को जाल में फंसाने के लिए प्रति व्यक्ति 25 लाख रुपये तक का बजट रखा गया है। रसद, सिम कार्ड नेटवर्क, सीसीटीवी निगरानी मॉड्यूल और डिजिटल व मीडिया प्रचार के लिए भी अलग रकम तय की गई है। अधिकारियों ने बताया कि भर्ती और नेटवर्क संचालन पर अभियान के आधार पर प्रति व्यक्ति 40,000 रुपये तक खर्च होता है।

अधिकारियों के मुताबिक, चालू वर्ष में पाकिस्तान ने रक्षा बलों के लिए तीन ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये का बजट आवंटित किया है, जिस पर सवाल उठे हैं। आगे की जांच से बचने के लिए सेना और आईएसआई ने मादक पदार्थों, हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी तथा जालसाजी बढ़ाने का फैसला किया है।

(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)