नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। कश्मीर निवासी फिरोज-उन-दिर-मीर ने दुनिया के सबसे उम्रदराज व्यक्ति होने का दावा किया है। उनका कहना है कि सरकारी दस्तावेज से साबित होता है कि उनकी उम्र 141 साल है। इसमें उनकी जन्म तिथि 10 मार्च, 1872 दर्ज है। गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉ‌र्ड्स जल्द ही मीर के दावे की जांच कर सकता है। फिलहाल यह खिताब 115 वर्षीय जापानी महिला मिसाओ ओकावा के नाम पर है।

कश्मीर लाइफ पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, मीर को बहुत कम दिखाई देता है। वह अपने परिजनों की मदद से ही चल पाते हैं। मीर ने बताया कि वह अविभाजित भारत के कराची में अपने पिता की तरह ही फलों और मेवों का व्यापार करते थे। वर्ष 1890 में मीर का पहला विवाह हुआ और बीसवीं सदी की शुरुआत में उनकी पत्नी की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि उस समय भारत, पाकिस्तान का विभाजन नहीं हुआ था। मुजफ्फराबाद से श्रीनगर जाना बहुत आसान था। मैं कश्मीर से बादाम और अखरोट खरीद कर ले जाता था और कराची में बेचता था।

पहली पत्नी की मौत के बाद मीर अपने गृहनगर कश्मीर के उड़ी जिले के बिहजामा वापस आ गए। इसके बाद उन्होंने चार शादियां की। चारों पत्नी का निधन हो चुका है। मीर की पांचवीं पत्नी 80 वर्षीय मिसरा ने बताया कि मेरे पति के जिंदगी के अनुभव बहुत दर्दनाक हैं। वह मुझे वर्ष 1880 में सोपोर आर पंट्टन इलाके में आए भयंकर भूकंप के किस्से सुनाते थे। वह पिछली सदी की कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के साक्षी हैं। मीर का कहना है कि अत्याधुनिक तकनीक के साथ आज कल की जिंदगी ज्यादा उलझन भरी हो गई है। लोग एक दूसरे से दूर होते जा रहे हैं। मीर के दावे से पहले जापान के ही 116 वर्षीय जिरोमॉन किमूरा दुनिया के सबसे उम्रदराज व्यक्ति थे। उनका पिछले महीने निधन हो गया था।

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