पुणे। सिंचाई घाेटाला मामले में राज्य की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने आज पूर्व सिंचाई मंत्री व राकांपा नेता अजित पवार एवं प्रदेश अध्यक्ष सुनील ततकरे को पूछताछ के लिए सम्मन भेजा है।

गौरतलब है कि कांग्रेस-राकांपा सरकार के कार्यकाल में हुए बालगंगा सिंचाई योजना में लगभग 93 करोड़ रुपये के घोटाले में एसीबी ने 11 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया था। इसमें सिंचाई विभाग के छह अधिकारियों का नाम भी शामिल है।

दरअसल, सिंचाई विभाग ने 2009 में रायगढ़ जिले के पेण इलाके में बालगंगा नदी पर बांध बनाने का निर्णय लिया था। इसके लिए टेंडर निकालने का काम कोंकण सिंचाई विकास कारपोरेशन की देखरेख में हुआ था। एसीबी का आरोप है कि इस योजना का ठेका एफ ए इंटरप्राइजेज ने बनावट दस्तावेजों को सिंचाई विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ करके हासिल किया।

इसके लिए विभाग के अधिकारियों ने पेपर पर चार ठेकेदारों द्वारा टेंडर भरने की सरकारी रिकाॅर्ड में फर्जीा जानकारी दर्ज की। इतना ही नहीं पूरे घोटाले को सुनियोजित ढंग से अंजाम देने के लिए एक अन्य साई बांध योजना के संकल्प पत्र का इस्तेमाल करके बालगंगा योजना के खर्च को 92 करोड़ 63 लाख रुपये तक बढ़ाया।

माना जा रहा है कि राकांपा के उक्त दोनों नेताओं के कार्यकाल में यह घोटाला हुआ इसलिए एसीबी इनसे पूछताछ करना चाहती है।

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Posted By: Sanjay Bhardwaj