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अमेरिकी लोगों के नाम IRGC का खुला पत्र, युद्ध खत्म करने की अपील

Published: Tue, 29 Sep 2026 11:31 PM (IST)

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिकी मतदाताओं से नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले एक खुला पत्र जारी कर युद्ध समाप्त करने की अपील की है।

अमेरिकी लोगों के नाम IRGC का खुला पत्र। (रॉयटर्स)

अमेरिकी लोगों के नाम IRGC का खुला पत्र। (रॉयटर्स)

HighLights

  1. IRGC ने अमेरिकी मतदाताओं से युद्ध समाप्त करने की अपील की।

  2. नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले जारी किया पत्र।

  3. अमेरिका-ईरान के बीच कतर मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी है।

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान ने एक तरफ कतर के मध्यस्थों के जरिये अमेरिका से बातचीत का रास्ता खुला रखा है, तो दूसरी तरफ ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने सीधे अमेरिकी मतदाताओं से युद्ध खत्म कराने की अपील की है।

IRGC ने नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले 25 पन्नों का खुला पत्र जारी कर अमेरिकी नागरिकों से अपने मताधिकार और प्रभाव का इस्तेमाल करने को कहा है।

रायटर्स के अनुसार, पत्र में कहा गया है कि अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव होने पर ईरान और अमेरिका शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। यह अपील ऐसे समय की गई है, जब न्यूयॉर्क में कतर के मध्यस्थों के जरिये दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है।

अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य मतभेद परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हैं। अमेरिकी पक्ष परमाणु मुद्दे पर ठोस रियायत चाहता है, जबकि ईरान होर्मुज की नाकेबंदी हटाने और प्रतिबंधों में राहत पर जोर दे रहा है।

उधर, अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील के बाद इराक एयरवेज ने ईरान से नजफ आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए उड़ानें फिर शुरू करने की तैयारी की है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि परमाणु कार्यक्रम पर ठोस कदम उठाने के बदले ईरान को प्रतिबंधों में राहत और उसकी फ्रीज संपत्तियों तक पहुंच देने पर विचार किया जा रहा है।

एपी के अनुसार, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि उन्होंने ईरान को ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने एक्सियोस और सीएनएन को बताया था कि परमाणु मुद्दे पर ठोस प्रगति की स्थिति में प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज संपत्तियों को जारी करने पर विचार किया जा सकता है।

IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि पत्र से अमेरिकी प्रशासन की नीति तुरंत बदलेगी, लेकिन अमेरिकी मतदाताओं को ईरान के बारे में अधिक जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने ट्रंप प्रशासन की ईरान की परमाणु नीति और होर्मुज को लेकर दावों पर भी सवाल उठाए।

होर्मुज पर टकराव, तेल और मुद्रा पर दबाव

केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में होर्मुज से रोजाना करीब एक करोड़ बैरल कच्चा तेल रवाना हुआ, जो युद्ध से पहले के स्तर का लगभग आधा है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। ईरान में आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है।

एपी के अनुसार, एक डॉलर की कीमत करीब 25 लाख रियाल तक पहुंच गई है, जबकि दो सितंबर को यह करीब 22 लाख रियाल थी।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि प्रतिबंधों से ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इसके जवाब में ईरानी संसद प्रमुख मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने चेतावनी दी कि ईरान का तेल निर्यात रोका गया तो खाड़ी क्षेत्र में दूसरे देशों का बुनियादी ढांचा भी सुरक्षित नहीं रहेगा।