विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

टार्गेट पूरा करने के चक्कर में लाइफ इंश्योरेंस की मिस-सेलिंग पर लगेगी रोक, IRDAI ने उठाया सख्त कदम

By Rajeev KumarEdited By: Garima Singh
Published: Mon, 28 Sep 2026 11:04 PM (IST)

इरडा ने बैंकों और डिस्ट्रीब्यूटरों द्वारा लाइफ इंश्योरेंस की मिस-सेलिंग रोकने के लिए नए प्रस्ताव पेश किए हैं।

इरडा ने बीमा मिस-सेलिंग रोकने के लिए नए नियम प्रस्तावित किए

इरडा ने बीमा मिस-सेलिंग रोकने के लिए नए नियम प्रस्तावित किए

HighLights

  1. इरडा ने बीमा मिस-सेलिंग रोकने के लिए नए नियम प्रस्तावित किए

  2. डिस्ट्रीब्यूटरों के कमीशन को 25% से घटाकर 10% करने का प्रस्ताव

  3. ग्राहकों को विस्तृत जानकारी और सहमति के बिना बिक्री पर रोक

राजीव कुमार, नई दिल्ली। अभी इंश्योरेंस बेचने वाले बैंक के कर्मचारी टार्गेट पूरा करने के चक्कर में ऐसे ग्राहकों को भी लाइफ इंश्योरेंस बेच देते हैं जो दूसरे ही साल उसका प्रीमियम देने में सक्षम नहीं होते हैं। प्रीमियम नहीं देने का नतीजा यह होता है कि लाइफ इंश्योरेंस बेकार हो जाता है। पहले साल की रकम भी डूब जाती है।

ग्रामीण इलाके व छोटे शहरों में कम-पढ़े लिखे लोगों के बैंक खाते खुलवाने या फिर लोन दिलवाने के दौरान बैंक कर्मचारी उन्हें लाइफ इंश्योरेंस बेच देते हैं।

इरडा ने बीमा मिस-सेलिंग रोकने के लिए नए नियम प्रस्तावित किए

एसबीआई, कोटक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई जैसे कई बैंक अपने इंश्योरेंस की सब्सिडियरी चलाते हैं और उनके प्रोडक्ट्स पर काफी अधिक मार्जिन होने के कारण बैंक डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में उन उत्पादों को बेचने का काम करता है।

लेकिन भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) के नए प्रस्ताव के लागू होने पर बैंक इस प्रकार से इंश्योरेंस का मिस-सेलिंग (गुमराह करके बेचने का काम) नहीं कर पाएंगे।

इरडा ने इंश्योरेंस बेचने वाले डिस्ट्रीब्यूटर के कमीशन को सीमित करने का प्रस्ताव रखा है। अभी लाइफ इंश्योरेंस बेचने पर डिस्ट्रीब्यूटर को पहले साल के कमीशन के रूप में 25 प्रतिशत से अधिक का कमीशन मिलता है।

नए प्रस्ताव के मुताबिक अब यह 10 प्रतिशत तक हो सकता है। इंश्योरेंस के मिस सेलिंग पर आरबीआइ के नियम के मुताबिक बैंक कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। इरडा के नए प्रस्ताव में ग्राहक को बिना विस्तृत जानकारी दिए और उनकी मंजूरी के इंश्योरेंस के किसी भी उत्पाद को बेचने पर रोक लगाने की बात कही गई है।

डिस्ट्रीब्यूटरों के कमीशन को 10% करने का प्रस्ताव

इरडा के नए प्रस्ताव से सबसे अधिक इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूटर प्रभावित होने जा रहे हैं। इंश्योरेंस बेचने वाली कंपनी के मार्जिन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने जा रहा है, एजेंट के कमीशन को भी पांच प्रतिशत तक कम किया गया है, लेकिन डिस्ट्रीब्यूटर के कमीशन को आधे से भी कम करने का प्रस्ताव रखा गया है।

डिस्ट्रीब्यूटर एक साथ कई कंपनियों के लिए काम करते हैं। इसलिए इरडा का मानना है कि उनकी कमाई पर इससे फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन ग्राहकों को निश्चित रूप से इंश्योरेंस की खरीदारी में राहत मिलेगी।

ग्राहकों को जानकारी और सहमति के बिना बिक्री पर रोक

इरडा का कहना है कि इंश्योरेंस बेचने वाली कंपनियां अपने इंश्योरेंस उत्पाद का पूरा ब्रेकअप सार्वजनिक नहीं करती है। अगर कोई ग्राहक अलग-अलग कंपनियों के एक ही प्रकार के उत्पाद की तुलना करना चाहता है तो उसे अपनी पूरी जानकारी देनी पड़ती है। उत्पाद बेचने के दौरान डिस्ट्रीब्यूटर और एजेंट के कमीशन का कोई जिक्र नहीं होता है।

इफको-टोक्यो जनरल इंश्योरेंस कंपनी की निदेशक (मार्केटिंग) अल्पना सिंह कहती हैं, इरडा ने वर्ष 2047 तक देश के सभी नागरिक को इंश्योरेंस के दायरे में लाने का जो लक्ष्य रखा है, उसे पूरा करने के लिए इंश्योरेंस की लागत को कम करना होगा जो इंश्योरेंस लेने वालों की संख्या में बढ़ोतरी से ही संभव है।

इरडा का नया प्रस्ताव इस दिशा में उठाया गया कदम है जिससे ग्राहकों को फायदा होगा और इंश्योरेंस बेचने वाली कंपनियों को भी नुकसान नहीं है। डिस्ट्रीब्यूटर जरूर प्रभावित हो रहे हैं।

इरडा ने इंश्योरेंस बिक्री के तरीके को पारदर्शी बनाने और ग्राहकों के लिए सस्ता बनाने के लिए नए नियम लाने का प्रस्ताव रखा है जिस पर स्टेकहोल्डर्स से 25 अक्टूबर तक राय देने के लिए कहा गया है।