'ईरान युद्ध के कारण सबसे गंभीर बड़े संकट का सामना कर रहे हैं हम', पूर्व डिप्टी एनएसए ने जताई चिंता
पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पंकज सारन ने बुधवार को पश्चिम एशिया के संघर्ष के भारत पर पड़ने वाले प्रभावों ...और पढ़ें

पूर्व डिप्टी एनएसए ने पश्चिम एशिया संकट को गंभीर बताया (फोटो- रॉयटर)
HighLights
पूर्व डिप्टी एनएसए ने पश्चिम एशिया संकट को गंभीर बताया
पूर्व डिप्टी एनएसए ने पश्चिम एशिया संकट को गंभीर बताया
पीटीआई, नई दिल्ली। पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पंकज सारन ने बुधवार को पश्चिम एशिया के संघर्ष के भारत पर पड़ने वाले प्रभावों को रेखांकित करते हुए इसे ''हमारे जीवनकाल में सबसे गंभीर संकट'' बताया और कहा कि नई दिल्ली को पूर्व की स्थिति में लौटने से पहले तूफान के गुजरने का इंतजार करना होगा।
एक सम्मेलन के दौरान बातचीत में उन्होंने कहा कि यह संघर्ष दुनिया में ''बेहिसाब ताकत'' के दुरुपयोग का नमूना है। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि अब नियमों पर आधारित व्यवस्था ''नष्ट'' हो गई है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया का संघर्ष हमारे इसलिए बहुत गंभीर है क्योंकि यह हमारे दरवाजे पर ही नहीं हो रहा है बल्कि यह भारत के भविष्य के हर पहलू को प्रभावित करता है, चाहे वह हमारी ऊर्जा सुरक्षा हो, मानव संसाधन हो, प्रेषण हो, या क्षेत्र में हमारे भू-राजनीतिक विकल्प।
ईरान पर हमलों का उद्देश्य उसके समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था को एक सैन्य शक्ति के रूप में बदलना है।
पूर्व राजनयिक और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ सरन ने कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में पिछले 25 वर्षों से ''उथल-पुथल का इतिहास'' रहा है। चाहे वह अफगानिस्तान, इराक, सीरिया, लीबिया, यमन, सूडान या गाजा हो।
हमने सब कुछ देख रखा है। हमारे पास इसका कोई समाधान नहीं है, सिवाय इसके कि हम अमेरिकियों का इंतजार करें कि वे कब हमले रोकेंगे और कब विजय की घोषणा करेंगे।
हम सभी बस इसे होते देख रहे हैं। हम से मतलब पूरी दुनिया, जिसमें रूसी, चीनी, यूरोपीय भी शामिल हैं। जब उनसे पूछा गया कि वह भारत के लिए क्या भूमिका देखते हैं उन्होंने कहा पहले, आपको अपनी क्षमताओं के बारे में यथार्थवादी होना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रमुख शक्तियों जैसे रूस, चीन, यूरोप को देखिये सब चुप्पी साधे हैं। एसे में आप अपनी छाती पर थपथपाते हुए या अपनी मेज पर थपथपाते हुए या अपनी क्षमता का दावा नहीं कर सकते, क्योंकि यहां एक स्थिति है जहां दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना ने ईरान पर बमबारी करने का निर्णय लिया है। ऐसे में आपको बस तूफान के गुजरने का इंतजार करना होगा।
