ईरान के राष्ट्रपति ने ब्रिक्स में राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने पर दिया जोर, एकतरफा प्रतिबंधों पर साधा निशाना
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और मौजूदा वित्तीय व्यवस्थाओं पर अत्यधिक निर्भरता कम करने का आह्वान किया।

ईरान ने राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने का किया आह्वान। (पीटीआई)
HighLights
ईरान ने ब्रिक्स में राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने का आह्वान किया।
मौजूदा वित्तीय व्यवस्थाओं पर अत्यधिक निर्भरता से बचने की सलाह दी।
एकतरफा प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए वैश्विक न्याय की मांग की।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रविवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अंतरिम सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं को मौजूदा वित्तीय और व्यापार व्यवस्थाओं पर अत्यधिक निर्भरता से राजनीतिक झटकों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ब्रिक्स देशों से राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और एक समावेशी वैश्विक आर्थिक ढांचा बनाने की अपील की।
ईरानी राष्ट्रपति ने एक दिन पहले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी रखे थे। ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा पत्र में भी काफी हद तक उनकी इन भावनाओं का ख्याल रखा गया है। ईरान ने राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक साधनों के बढ़ते इस्तेमाल की आलोचना की थी। ये टिप्पणियां अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के विस्तार के बीच आई हैं।
पश्चिमी शक्तियों पर निशाना साधते हुए पेजेश्कियन ने कहा कि एकतरफा प्रतिबंध सीधे वैश्विक खाद्य सुरक्षा और लोगों की भलाई को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में ब्रिक्स को अधिक संतुलित, समावेशी और न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था बनाने में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए। लचीलापन, सहयोग और स्थिरता को व्यावहारिक कार्रवाई में बदलना होगा।
उन्होंने कहा कि सीमित वित्तीय और व्यापार प्रणालियों पर अत्यधिक निर्भरता अर्थव्यवस्थाओं को राजनीतिक झटकों के प्रति कमजोर बनाती है। इसलिए राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार का विस्तार किया जाए और न्यू डेवलपमेंट बैंक को मजबूत किया जाए, ताकि ब्रिक्स सदस्य देशों की आर्थिक क्षमता बढ़े।आर्थिक मजबूती सुरक्षा के बिना टिकाऊ नहीं हो सकती।
पेजेश्कियन ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर सैन्य हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान के आर्थिक, ऊर्जा और विकास संबंधी बुनियादी ढांचे पर हमलों के परिणाम राष्ट्रीय सीमाओं से आगे जा सकते हैं और क्षेत्रीय तथा वैश्विक स्तर पर असर डाल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ईरानी जनता पहले ही भारी कीमत चुका चुकी है। नागरिक मारे गए हैं और दशकों में बना बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है कि नागरिकों की रक्षा करे और नागरिक ठिकानों पर हमलों को सामान्य बनाने से रोके। पेजेश्कियनने ब्रिक्स का सफल आयोजन के लिए भारत का खास तौर पर धन्यवाद कहा।
