नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई है। इस तस्वीर को जो भी देख रहा है वो या तो गुस्से से भर उठता है या फिर कुछ पलों के लिए भावुक हो जाता है। दरअसल तस्वीर दो बच्चों की है। ये बच्चे कौन हैं ? कहां की तस्वीर है ? इस बारे में कोई जानकारी फिलहाल नहीं मिली है। लेकिन जब इस तस्वीर पर यूपी के एक आईपीएस अफसर की नजर पड़ी तो उनका खून खौल उठा और उन्होंने सोशल मीडिया पर इन बच्चों पर जुल्म ढहाने वालों को जमकर लताड़ा। 'पटक कर मारूं' शीर्षक से भारी-भरकम पोस्ट लिखने वाले तेज तर्रार आईपीएस अफसर का नाम है नवनीत सिकेरा।

पटक कर मारूंं
बढ़ती उम्र के साथ ऐसा लगने लगा था कि मैं परिपक्व होता जा रहा हूं और गुस्सा आना बंद हो गया है । लेकिन इस फोटो को देखकर सभी अनुमान गलत साबित हुए।
मुझे नहीं पता इन बच्चों का क्या कसूर था, मुझे नहीं पता ये बच्चे कौन हैं, कहां के हैं , मुझे सिर्फ ये पता है कि जिन लोगों ने इनके साथ ऐसा बर्ताव किया है अगर वह मिल जाए तो पटक के मारूंं ।
बच्चों की कोई भी गलती हो यूं बांध कर उनके सिर पर चौराहा नहीं बना सकते , मेरे बाजू फड़क रहे हैं और मैं बहुत भावुक होकर इस पोस्ट को लिख रहा हूं।
कमीनों अपनी ताकत इन बच्चों पर दिखा रहे हो, अगर हिम्मत है तो सामने आओ इस देश का वीर युवा तुम्हारे शरीर में हड्डियों की संख्या बढ़ा देगा।
(जिसने ये फोटो भेजी उसने बताया कि इन बच्चों का कसूर सिर्फ इतना था कि इन्होंने मंदिर में घुसकर प्रसाद ले लिया था, सच क्या है मुझे नहीं पता , न भूलो मंदिर के अंदर बाल कान्हा की पूजा होती है और बाहर ये कर रहे हो। अगर किसी को जानकारी हो तो जरूर शेयर करें, और फिर सच कुछ भी हो बच्चों के साथ इतनी निर्ममता नहीं की जा सकती।
शर्म आ रही है कि हम में से कुछ इतने गिरे हुए भी हैं
ये फोटो पूरी दुनियां में जा चुकी होगा क्या उत्तर दोगे जब कोई पूछेगा तुम्हारे महान देश में ऐसा क्यों होता है?
ईश्वर शपथ आज अगर ये मिल जाएं तो इनकी हड्डियां तोड़ दूं ऐसे दुष्टों को जरूर सजा दूं , चाहे उसके बाद मुझे सजा ही क्यों न मिल जाये । वह सजा प्रसाद की तरह ग्रहण करूंगा।
यार बच्चे हैं इनको समझाया जाता है ऐसी निर्मम सजा नहीं दी जाती ,जरा ध्यान से देखो कितने भयभीत हैं, आज दिल फटा जा रहा है मेरा।

कौन हैं नवनीत सिकेरा

नवनीत सिकेरा 1996 बैच के आईपीएस हैं। उनके पिता एक किसान थे, जिनके साथ पुलिस स्टेशन में दुर्व्यवहार हुआ था। इसी बात से आहत होकर नवनीत ने जुनून में सिविल सेवा परीक्षा पास की। आईएएस के लिए चयनित हुए, लेकिन आईपीएस चुना। 1090 के फाउंडर ऑफिसर हैं। अब तक 60 से ज्यादा एनकाउंटर कर चुके हैं। सिकेरा ने ही कुख्यात गैंगस्टर रमेश कालिया के आतंक को खत्म किया था। नवनीत सिकेरा की अगुवाई में पुलिस ने बारातियों का वेश बदलकर रमेश कालिया को मौत के घाट उतारा था। यूपी में एक ऐसा भी वक्त था जब बाहुबलियों और कुख्यात अपराधियों के सताए लोग थाने के बजाय नवनीत सिकेरा के पास पहुंचते थे।

साभार- नवनीत सिकेरा के फेसबुक वॉल से

Edited By: anand raj