नई दिल्ली (पीटीआई)। आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट को जुलाई अंत तक फैसला लेने को कहा है। क्रिकेटर एस. श्रीसंत समेत 36 क्रिकेटर्स पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद केरल हाईकोर्ट ने भी बीसीआई के लगाए बैन को बरकरार रखा था। जिस पर क्रिकेटर एस. श्रीसंत ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा की बेंच ने ने कहा कि एक वे क्रिकेटर की खेलने की 'चिंता' को समझते हैं लेकिन वो तब तक इंतजार करना चाहेंगे जब तक कि दिल्ली पुलिस की याचिका पर केरल हाईकोर्ट का फैसला नहीं आ जाता। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में निचली अदालत द्वारा क्रिक्रेटर्स को बरी करने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

श्रीसंत ने मांग की है कि उसे काउंटी क्रिकेट में खेलने की इजाजत दी जानी चाहिए क्योंकि आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में उसे बरी किया जा चुका है। साथ ही वह चार वर्षों से खेल भी नहीं पा रहा है।  उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने क्रिकेटर एस. श्रीसंत और दो अन्य क्रिकेटर अजीत चंडीला और अंकित चव्हाण को साल 2013 में आइपीएल के दौरान स्पॉट फिक्सिंग में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद पिछले साल 7 अगस्त को केरल हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने श्रीसंत पर बीसीआइ की ओर से आजीवन प्रतिबंध को हटा दिया था। बाद में बीसीसीआइ ने सिंगल बेंच के इस आदेश को केरल हाईकोर्ट की डिविजन बेंच में चुनौती दी। जिसे केरल हाइकोर्ट ने बरकरार रखा। जुलाई, 2015 में फिर से पटियाला हाउस कोर्ट ने इस फैसले को निरस्त कर दिया था। हालांकि, बीसीआइ ने अपने अनुशासनात्मक फैसले को बदलने से इनकार दिया। 

Posted By: Vikas Jangra