नई दिल्ली [जेएनएन]। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) और अमेरिकी टेक कंपनी एपल के बीच तनाव बढ़ गया लगता है। ट्राई ने फर्जी कॉल और स्पैम मैसेज रोकने के लिए मोबाइल कंपनियों को अपने ऐप स्टोर पर उसका डीएनडी के लिए विकल्प देने को कहा है और इसके लिए छह महीने का वक्त दिया गया है। हालांकि, एपल इसके लिए तैयार नहीं है, उल्टा कंपनी से इस बात के संकेत मिले हैं कि वह इस फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में हैं।

उल्लेखनीय है कि ट्राई ने 19 जुलाई को टेलीकॉम कंपनियों के लिए कुछ नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में कहा गया कि इनका पालन नहीं करने पर संबंधित मोबाइल कंपनी का नेटवर्क रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो ये मोबाइल भारतीय नेटवर्क पर नहीं चलेंगे।

एपल की दलीलः प्राइवेसी का खतरा

वहीं, एपल का कहना है कि ऐसे ऐप (डीएनडी) यूजर्स के कॉल और मैसेज रिकॉर्ड कर लेता है, जो की यूजर की प्राइवेसी के खिलाफ है। वहीं, एपल ने बचाव में यह भी कहा कि उसने ट्राई को इस बारे में पहले ही जानकारी दे दी थी कि उनके आईओएस-12 में नया फीचर जोड़ दिया गया है, जिससे फर्जी कॉल और मैसेज को ब्लॉक किया जा सकेगा।

Posted By: Vikas Jangra

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