नई दिल्‍ली, जेएनएन। हर साल की तरह इस बार भी 23 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस (International Day of Sign Languages) मनाया गया। इस मौके पर नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट, नई दिल्ली (National Gallery of Modern Art, NGMA) ने भी दिव्‍यांग एवं अन्‍य लोगों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें समुदायों को एकजुट करने में संग्रहालयों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।

एनजीएमए (National Gallery of Modern Art, NGMA) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि उसने संग्रहालय को एक लोकतांत्रिक स्थान बनाने की दिशा में काफी काम किया है, जो कि दिव्‍यांगों समेत सभी को सुविधाएं प्रदान करता है। एनजीएमए की ओर से प्रदर्शनी (exhibition) की शानदार श्रृंखला की शुरुआत माननीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा सांकेतिक भाषा में प्राप्त स्मृति चिन्हों के प्रदर्शन के साथ हुई।

इसके बाद साईं स्वयंवर सोसाइटी फॉर द स्पीच एंड हियरिंग इम्पेयर (Sai Swayam Society for the Speech and Hearing Impaired) की ओर से सांकेतिक भाषा में राष्ट्रगान गाया गया। युवा कलाकारों के शानदार प्रदर्शन में कठपुतली शो, जादू और दृष्टिबाधित लोगों के एक प्रतिभाशाली बैंड 'अनहद' की ओर से संगीतमय प्रस्‍तुति शामिल थी।

एनजीएमए की निदेशक टेम्सुनारो जमीर (Ms Temsunaro Jamir, Director, NGMA) ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस (International Day of Sign Languages) को ध्यान में रखते हुए हमने दिव्‍यांग लोगों को संग्रहालय में होने वाली घटनाओं से जोड़े रखने के लिए कई नए समाधान पेश किए हैं। अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस को और अधिक सार्थक बनाने के लिए हमने दिव्‍यांगों के लिए सांकेतिक भाषा में विशेष पर्यटन का आयोजन किया है।

Edited By: Krishna Bihari Singh