नई दिल्ली [राज्य ब्यूरो]। केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे के पार्थिव शरीर का एम्स ट्रॉमा सेंटर में तीन फारेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह शरीर के आंतरिक हिस्सों में कई चोटें लगना बताया गया है। यह बात सामने आई है कि उनका लिवर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और गर्दन की हड्डी (सर्वाइकल स्पाइनल कार्ड) टूटी हुई थी। इस हड्डी के टूटने से सांस बंद हो जाती है। डॉक्टरों ने हृदयाघात की वजह से निधन होने से इन्कार किया है।

डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के बारे में पुलिस अधिकारियों व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को सूचित कर दिया है। हालांकि फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट बुधवार को जांच अधिकारी को सौंपी जाएगी। एम्स के प्रवक्ता डॉ. अमित गुप्ता ने कहा कि घटना के 10 मिनट बाद उन्हें ट्रॉमा सेंटर लाया गया। उस वक्त उनकी सांस, पल्स रेट व हृदयगति बंद थी। उन्हें 50 मिनट तक डॉक्टरों ने जीवनरक्षक तकनीक सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिसॉसिटेशन) देकर बचाने की कोशिश की। इस दौरान डॉक्टर उनकी छाती भी दबाते रहे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और 7.20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

सेना के ट्रक में ले जाया गया पार्थिव शरीर

मुंडे का पार्थिव शरीर उनकी दो बेटियों व दामाद को सौंप दिया गया। एम्स ट्रॉमा सेंटर से दोपहर 12.40 बजे उनका पार्थिव शरीर सेना की गाड़ी (खुले ट्रक) में रखकर भाजपा मुख्यालय 11 अशोक रोड ले जाया गया। फूलों से सजे उस खुले ट्रक पर मुंडे की बेटियां, दामाद, डॉ. हर्षवर्धन व नितिन गडकरी सहित कई नेता सवार थे।

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