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88 साल के बुजुर्ग को बेची पालिसी, बीमा कंपनी पर एक करोड़ का जुर्माना

Published: Sat, 12 Sep 2026 03:31 AM (IST)

बीमा नियामक भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने 88 साल के बुजुर्ग को ऐसी पालिसी बेचने के मामले ...और पढ़ें

88 साल के बुजुर्ग को बेची पालिसी, बीमा कंपनी पर एक करोड़ का जुर्माना (सांकेतिक तस्वीर)

88 साल के बुजुर्ग को बेची पालिसी, बीमा कंपनी पर एक करोड़ का जुर्माना (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. आईआरडीएआई ने केनरा एचएसबीसी लाइफ को गलत तरीके से पालिसी बेचने का दोषी पाया

  2. नियमानुसार उक्त बीमा पालिसी 80 साल से ऊपर के लोगों को नहीं बेची जा सकती थी

आईएएनएस, नई दिल्ली। बीमा बेचने में उम्र और ग्राहक की जरूरतों को नजरअंदाज करना बीमा कंपनी को भारी पड़ गया। बीमा नियामक भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने 88 साल के बुजुर्ग को ऐसी पालिसी बेचने के मामले में केनरा एचएसबीसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

नियामक को पालिसी बेचने में ग्राहक की जरूरत के आकलन, बिक्री प्रक्रिया, जानकारी देने और कंपनी की आंतरिक निगरानी व्यवस्था में कई खामियां मिलीं। बीमा नियामक ने यह कार्रवाई इंटरनेट मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट का स्वत:संज्ञान लेने के बाद शुरू की थी।

मामला एक ‘डेफर्ड एन्युटी पालिसी’ की बिक्री से जुड़ा है। इसमें ग्राहक से चार साल तक हर साल दो लाख रुपये प्रीमियम लिया जाना था। पालिसी केनरा बैंक के जरिये बेची गई थी और ग्राहक की बेटी को एन्युइटेंट बनाया गया था।

आइआरडीएआइ की जांच में सबसे बड़ी खामी यह सामने आई कि संबंधित पालिसी 30 से 80 साल तक की उम्र वाले ग्राहकों के लिए थी, जबकि इसे बेचते समय ग्राहक की उम्र 88 साल थी। यानी ग्राहक उस पालिसी के लिए निर्धारित अधिकतम उम्र सीमा से आठ साल अधिक उम्र का था।

नियामक ने यह भी पाया कि पालिसी जारी होने से पहले ही प्रीमियम ले लिया गया था। इसके अलावा, प्रीमियम भुगतान की अवधि पूरी होने से पहले प्रस्तावक की मृत्यु होने की स्थिति में क्या होगा, इसकी जानकारी भी ग्राहक को पर्याप्त रूप से नहीं दी गई।