नई दिल्ली, एएनआइ। इंडियन सार्स कोव-2 जिनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) ने रविवार को भारत में कोरोना वायरस के BA.4 और BA.5 वैरिएंट का पता लगने की पुष्टि कर दी है। बता दें कि इसका पहला मामला तमिलनाडु में और दूसरा तेलंगाना में पाया गया है। आपको बता दें कि BA.4 और BA.5 ये दोनों ओमिक्रोन वैरिएंट के सबवैरिएंट हैं।‌ इस साल भारत में कोविड-19 के ओमिक्रोन वैरिएंट के कारण वायरस का प्रकोप देखा गया था।

INSACOG द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि तमिलनाडु में एक 19 साल की महिला को SARS-CoV-2 के BA.4 वेरिएंट से संक्रमित पाया गया है। रोगी में केवल हल्के लक्षण दिखाई दिए हैं और उसे पूरी तरह से टीका लगाया गया है। रोगी का कोई यात्रा इतिहास नहीं था। इससे पहले एक दक्षिण अफ्रीकी यात्री को हैदराबाद हवाई अड्डे पर आगमन पर BA.4 वैरिएंट के लिए पाजिटिव पाया गया था। भारत में Omicron Variant BA.4 के पहले मामले के पकड़ में आने के बाद कोरोना पर रोक लगाने के ठोस तरीके ढूंढने की कवायद तेज हो गई है।

बयान के अनुसार, तेलंगाना में एक 80 वर्षीय पुरुष ने BA.5 वैरिएंट SARS - CoV - 2 के लिए पाजिटिव टेस्ट किया है। रोगी में केवल हल्के क्लीनिकल लक्षण आए हैं और उसे पूरी तरह से टीका लगाया गया है। रोगी का कोई यात्रा इतिहास नहीं था। बयान में कहा गया कि एहतियाती कदम के तौर पर बीए.4 और बीए.5 मरीजों के संपर्क में आने का काम किया जा रहा है।

BA.4 और BA.5 विश्व स्तर पर प्रसारित होने वाले ओमिक्रान वैरिएंट के उपप्रकार है। ये सबसे पहले इस साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका से रिपोर्ट किए गए थे और अब कई अन्य देशों से रिपोर्ट किए गए हैं। ये वैरिएंट बीमारी की गंभीरता या अस्पताल में भर्ती होने से जुड़े नहीं हैं।

INSACOG के रिसर्च में कहा गया है कि ओमिक्रॉन BA.4 वैरिएंट से सुरक्षा के लिए कोविड वैक्‍सीन की बूस्टर डोज लेने की जरूरत है। बूस्टर डोज ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ मजबूत एंटीबाडी बनाकर शरीर को अधिक सुरक्षा प्रदान करेगा। अभी कोरोना के जितने भी नए वैरिएंट पकड़ में आ रहे हैं, ये प्राय: ओमिक्रान और डेल्‍टा के मेल से ही बने हैं। BA.2 और BA.3 के बाद BA.4 कोरोना वायरस को आगे बढ़ा रहा है। ओमिक्रान और डेल्‍टा वेरिएंट यथा डेल्टाक्रान के बारे में कहा जाता है कि यह हमारे शरीर के एंटीबॉडी लेवल को बेअसर कर देता है।

इसके प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द और नाक बहना शामिल है। हालांकि, BA.4 वैरिएंट में इन लक्षणों के अलावा गला में खरास अधिक देखी जाती है। 

Edited By: Ashisha Rajput