नई दिल्ली (एएनआई)। भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सोमवार को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाए जाने वाले तारीख 26 जनवरी को लेकर एक अहम खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 26 जनवरी को 'स्वतंत्र संकल्प दिवस' का नाम दिया था। बता दें कि, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे जहां उन्होंने इस दिन के महत्व पर प्रकाश डाला। 

कार्यक्रम के संबोधन में 26 जनवरी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 26 जनवरी को 'स्वतंत्र संकल्प दिवस' के रूप में घोषित किया था। उन्होंने बताया कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के द्वारा 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वतंत्रता की मांग करने के बाद महात्मा गांधी ने इसकी घोषणा की थी।

फिर 1931 के बाद से हर साल 26 जनवरी को पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कॉफी टेबल बुक 'द ग्रांड्योर ऑफ रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन-इंडिया- अ कलिडोस्कोप ऑफ कल्चरल एंड मिलिट्री हेरीटेज' ('The Grandeur of Republic Day Celebrations - India - A Kaleidoscope of Cultural and Military Heritage') की प्रति ग्रहण करने के बाद ये बातें कहीं।

उन्होंने आगे कहा, 190 सालों बाद अंग्रजों को भारत से खदेड़ कर भगा दिया गया और 14/15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को शासन भारतीयों के हाथों में दे दी गई। तब से पूरे देश में इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप मनाया जाना जाने लगा। इसके बाद 24 नवंबर 1949 को देश में संविधान पूर्ण रूप से अस्तित्व में आ गया। हालांकि संविधान सभा के कुछ सदस्यों की इच्छानुसार संविधान को 26 जनवरी से कार्य में लाया गया।

यह भी पढ़ें : ओम प्रकाश रावत आज संभालेंगे मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यभार

Posted By: Srishti Verma