नई दिल्‍ली (ऑनलाइन डेस्‍क)। मंगल पर भेजे गए महज 2 किग्रा वजनी हेलीकॉप्‍टर इंजेंविनिटी की एक तस्‍वीर सामने आई है। ये तस्‍वीर उसकी न होकर मंगल की सतह पर उड़ान के दौरान पड़ी उसकी परछाई की है। इस इमेज को नासा के एसोसिएट एडमिनिस्‍ट्रेटर ने ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में उन्‍होंने इंजेंविनिटी की पूरी टीम को बघाई दी हैनासा ने अपने एक दूसरे ट्वीट में लिखा हे कि आप जो देख रहे हैं उस पर विश्‍वास नहीं करेंगे। आपको बता दें कि नासा इस उड़ान की लाइव स्‍ट्रीमिंग कर रहा है। साथ ही वो कुछ सवालों के जवाब भी दे रहा है। नासा की वेबसाइट के अलावा उसके एप और सोशल मीडिया पर नासा के पेज पर इसको देखा जा सकता है।

नासा मार्स परसिवरेंस के ट्विटर अकांउट से जो ट्वीट किया या है उसमें इंजेंविनिटी को हवा में उड़ता और सतह पर उतरता हुआ देखा जा सकता है। नासा ने एक और ट्वीट में लिखा है कि मार्स हेलीकॉप्‍टर ने इस कंट्रोल फ्लाइट के बाद अपनी ताकत को साबित कर दिया है। आपको बता दें कि ये किसी दूसरे ग्रह पर हुई अपनी तरह की पहली उड़ान है, जिसको नासा ने संभव कर दिखाया है। नासा के इंजेंविनिटी, परसिवरेंस और स्प्रिट ने एक अवसर को हकीकत में बदल कर रख दिया है। आपको बता दें कि धरती पर उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्‍टर के ब्‍लैड एक मिनट में 400-500 राउंड धूमते हैं जबकि मार्स पर भेजे गए हेलीकॉप्‍टर इंजेंविनिटी के ब्‍लैड उड़ान के दौरान 2500 राउंड प्रति मिनट की रफ्तार से घूमे।

नासा हेलीकॉप्‍टर की इस सफल उड़ान के बाद मीमी खुशी में पेपर फाड़ती हुई दिखाई दीं। उन्‍होंने सभी को इस मौके पर बधाई दी है। इस सफल उड़ान के बाद नासा ने इसको मंगल ग्रह पर राइट ब्रदर्स मूमेंट करार दिया है। थॉमस ने इस सफल उड़ान पर पूरी टीम को बधाई दी है और लिखा है कि ऐसे मौका पहले कभी नहीं आया। थॉमस ने हेलीकॉप्‍टर इंजेंविनिटी की एयरफील्‍ड को राइट ब्रदर्स फील्‍ड का नाम दिया है।

थॉमस ने अपने एक ट्वीट में लिखा है कि राइट ब्रदर्स के धरती पर पहली उड़ान भरने के 117 साल बाद नासा के इंजेंविनिटी ने धरती से करोड़ों किमी दूर एक दूसरे ग्रह पर उड़ान सफलतापूर्वके उड़ान भर कर गजब का काम किया है। राइट ब्रदर्स का उड़ान भरना और इंजेंविनिटी का मंगल पर उड़ना दोनों ही गौरवशाली और न भूलने वाले पल हैं। धरती से 173 मिलियन मील की दूरी पर मंगल ग्रह पर हुई इंजेंविनिटी की उड़ान और राइट ब्रदर्स की उड़ान आज आपस में जुड़ गई हैं।

इस उड़ान से पहले नासा ने इससे जुड़े सवालों के मीडिया को जवाब भी दिए। हालांकि इस दौरान कुछ ही सवाल लिए गए थे। नासा ही लाइव स्‍ट्रीमिंग के दौरान भी नासा लगातार लोगों के पूछ गए सवालों के जवाब दे रहा है। कोई भी नासा के एप, या उनके यू ट्यूब चैनल और सोशल मीडिया पेज पर जाकर सवाल पूछ सकता है साथ ही मंगल का नजारा पहली बार अपनी आंखों से देख सकता है। नासा का कहना था कि इंजेंविनिटी का मंगल के वातावरण में उड़ना धरती पर उड़ान भरने से कहीं ज्‍यादा मुश्‍किल है, लेकिन इसको देखने वालों ने यूट्यूब पर लाइव स्‍ट्रीमिंग के दौरान लिखा कि ये इतना भी मुश्किल नहीं लग रहा है। 

नासा की तरफ से सवालों के जवाब देने के लिए नासा साइंस मिशन डायरेक्‍ट्रेट के एसोसिएट एडमिनिस्‍ट्रेटर थॉमस जुरबुकेन, जेपीएल डायरेक्‍टर मिशले वाटकिंस, नासा की जेट प्रपल्‍शन लैब में मार्स हेलीकॉप्‍टर के प्रोजेक्‍ट मैनेजर मीमी ऑन्‍ग इंजेंविनिटी के चीफ इंजीनियर बॉब बलराम, इजेंविनिटी के चीफ पायलट हवार्ड ग्रिप, मार्स रोवर इमेजिंग साइंस के जस्टिन माकी वहां पर मौजूद थे।