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युद्ध से पहले के स्तर पर पहुंचा पश्चिम एशिया से भारत का तेल आयात, हर दिन पहुंच रहा 28 लाख बैरल क्रूड ऑयल

Published: Thu, 22 Oct 2026 05:51 PM (GMT+05:30)

सितंबर में भारत का पश्चिम एशिया से कच्चा तेल आयात खाड़ी युद्ध के पूर्व स्तर पर पहुंच गया, जबकि रूस से खरीद कम हुई है।

पश्चिम एशिया से भारत का तेल आयात युद्ध पूर्व स्तर पर पहुंचा।

पश्चिम एशिया से भारत का तेल आयात युद्ध पूर्व स्तर पर पहुंचा।

HighLights

  1. पश्चिम एशिया से भारत का तेल आयात युद्ध पूर्व स्तर पर पहुंचा।

  2. सितंबर में रूस से कच्चे तेल की खरीद में कमी आई।

  3. भारतीय रिफाइनरियां अब पश्चिम एशिया से सस्ता तेल खरीदेंगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सितंबर में पश्चिम एशिया से भारत का कच्चा तेल आयात खाड़ी युद्ध के पूर्व स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चीन के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच भारतीय रिफाइनरियों ने रूस से तेल खरीद कम कर दी है।

पश्चिम एशिया के उत्पादकों और व्यापारियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल की आपूर्ति बढ़ा दी है, जिससे ईरान युद्ध के कारण पैदा हुई आपूर्ति की कमी दूर हुई है।

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक भारत ने खाड़ी युद्ध के शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया से आपूर्ति घटने की भरपाई के लिए रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ा दिया था।

शिपिंग ट्रैकिंग डाटा के अनुसार, सितंबर में पश्चिम एशिया से भारत का कच्चे तेल का आयात बढ़कर लगभग 28 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया, जो फरवरी के बाद का सबसे उच्च स्तर है। यह अगस्त के मुकाबले 32 प्रतिशत अधिक है।

कुल आयात में खाड़ी देशों के तेल की हिस्सेदारी लगभग 54 प्रतिशत रही। इसके विपरीत, सितंबर में रूस से तेल का आयात पिछले महीने की तुलना में लगभग 14% घटकर 18 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया। भारत की कुल तेल खरीद में रूस की हिस्सेदारी 46.6% से घटकर 33.5% पर आ गई है।

एक भारतीय रिफाइनिंग सूत्र ने बताया कि आने वाले महीनों में भारतीय रिफाइनरियों द्वारा रूस से तेल की खरीद कम रहने की संभावना है, क्योंकि अब रूसी तेल की लागत पश्चिम एशिया खासकर इराक से आने वाले तेल के बराबर हो गई है।

इतना ही नहीं पश्चिम एशिया से आपूर्ति बढ़ने के बाद रूस से आने वाला कच्चा तेल भी अब उतना किफायती नहीं रह गया है, जितना पहले था। ऐसे में रिफाइनरियां पश्चिम एशिया से मिलने वाले सस्ते कच्चे तेल की खरीद को प्राथमिकता देंगी, क्योंकि इस क्षेत्र से तेल आने में समय कम लगता है।

पिछले महीने कच्चे तेल का आयात 20 प्रतिशत बढ़ा

आंकड़ों पर गौर करें तो सितंबर में भारत का कुल तेल आयात पिछले महीने की तुलना में 20 प्रतिशत बढ़कर लगभग 53.3 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया। अभी भी रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।

इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और इराक का स्थान है। पिछले महीने भारत का इराकी तेल का आयात अगस्त के 1,71,000 बैरल प्रतिदिन से बढ़कर लगभग 8,30,000 बैरल प्रतिदिन हो गया।

सोर्स- न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार