भारत का स्टार्टअप अंतरिक्ष में बनाएगा डेटा सेंटर, 1 अक्टूबर को लॉन्च होगा पहला सेटेलाइट
भारतीय स्टार्टअप टेकमी2स्पेस 1 अक्टूबर को स्पेसएक्स मिशन के तहत भारत का पहला आर्बिटल कंप्यूटिंग सेटेलाइट एमओआइ-1ए लॉन्च करेगा।

भारत का स्टार्टअप अंतरिक्ष में बनाएगा डेटा सेंटर। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)
HighLights
टेकमी2स्पेस 1 अक्टूबर को एमओआइ-1ए सेटेलाइट लॉन्च करेगा।
यह सेटेलाइट अंतरिक्ष में ही डेटा प्रोसेसिंग करेगा, लागत घटाएगा।
कृषि, माइनिंग सहित 23 ग्राहकों को मिलेगी ऑर्बिटल कंप्यूटिंग सेवा।
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई इतिहास रच चुका भारत अब एक और कीर्तिमान बनाने वाला है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र में डेटा की बढ़ती जरूरतों के मद्देनजर भारत का स्टार्टअप अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाएगा।
स्टार्टअप टेकमी2स्पेस एक अक्टूबर को स्पेसएक्स मिशन के तहत भारत का पहला आर्बिटल कंप्यूटिंग सेटेलाइट एमओआइ-1ए लॉन्च करेगा। इसका मकसद आर्बिट में ही डेटा को प्रोसेस करना है। भारतीय स्टार्टअप कंपनी का एमओआइ-1ए स्पेसक्राफ्ट, स्पेसएक्स के ट्रांसपोर्टर-18 राइडशेयर मिशन के साथ उड़ान भरेगा।
14 किलोग्राम वजन वाले इस सेटेलाइट में एनवीडिया ओरिन एनएक्स प्रोसेसर लगे हैं, जो 117 ट्रिलियन ऑपरेशन्स प्रति सेकंड (टीओपीएस) की कंप्यूटिंग पावर देने में सक्षम हैं।
गौरतलब है कि गूगल भी डेटा सेंटर को अंतरिक्ष में ले जाने की तैयारी कर रही है। स्पेसएक्स के रॉकेट के जरिये गूगल भी एक अक्टूबर को प्रोटोटाइप उपग्रह लॉन्च करने वाली है।
टेकमी2स्पेस के संस्थापक रोनक सामंतराय ने रॉयटर्स को बताया कि कंपनी ने इस मिशन के लिए ज्योग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों और कृषि, माइनिंग, सप्लाई-चेन मैनेजमेंट और इंश्योरेंस सेक्टर की कंपनियों समेत 23 ग्राहकों के साथ करार किया है। इनमें अमेरिका की स्पेस डाटा एनालिटिक्स फर्म 'लिटिल प्लेस लैब्स' भी शामिल है।
आम तौर पर पृथ्वी पर नजर रखने वाले सेटेलाइट विश्लेषण के लिए ग्राउंड स्टेशनों को बड़ी मात्रा में बिना प्रोसेस किया गया रॉ डेटा भेजते हैं, लेकिन एमओआइ-1ए स्पेसक्राफ्ट पर एआई मॉडल अपलोड करने की सुविधा देगा।
सेटेलाइट किसी खास इलाके के ऊपर से गुजरते हुए डेटा प्रोसेस करेगा और इसका विश्लेषण कर डेटा धरती पर भेजेगा, जिससे पूरा डाटासेट डाउनलोड करने की जरूरत कम हो जाएगी। डेटा डाउनलोड न करने से जो लागत बचेगी, वह ऑर्बिट में कंप्यूटिंग के लिए चुकाए जाने वाले प्रीमियम की भरपाई कर देगी।
यह स्पेसक्राफ्ट 6यू क्यूबसैट है, जिसका आकार 226.3 x 100 x 366 एमएम है। इसमें दो टेराबाइट का ऑनबोर्ड स्टोरेज, नाइन-बैंड मल्टीस्पेक्ट्रल इमेजिंग और 120 वॉट की पीक पावर क्षमता है। टेकमी2स्पेस अपने अधिकतर सेटेलाइट सब-सिस्टम की डिजाइनिंग और निर्माण भारत में ही करता है, जबकि चिप्स, सोलर सेल और प्रोपल्शन सिस्टम बाहर से मंगाता है।
