'भारत में किसी कंपनी का एकाधिकार नहीं', सिंधिया ने मस्क के आरोपों को बताया गलत
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एलन मस्क के स्टारलिंक पर भेदभाव के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया ...और पढ़ें

सिंधिया ने एलन मस्क के एकाधिकार आरोपों को गलत ठहराया (फाइल फोटो)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सैटेलाइट संचार सेवा में सरकार पर एलन मस्क की तरफ से भेदभाव करने के आरोप के जवाब संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत में किसी भी सेक्टर में किसी कंपनी का एकाधिकार नहीं है। स्टारलिंक के मालिक मस्क का यह आरोप निराधार है।
मस्क ने आरोप लगाया था कि किसी खास कंपनी के हित के लिए उनकी कंपनी के लाइसेंस को बाधित किया जा रहा है।
शुक्रवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस के सम्मेलन के बाद सिंधिया ने बताया कि कंपनी को लाइसेंस के साथ सुरक्षा मंजूरी भी लेना आवश्यक है और तभी कोई कंपनी अपना संचालन शुरू कर सकती है। सुरक्षा मानकों की मंजूरी गृह मंत्रालय से मिलती है।
सिंधिया ने कहा कि मस्क का आरोप बिल्कुल गलत है। तीन कंपनियों को सैटेलाइट संचार सेवा के लिए लाइसेंस दिए गए हैं। इनमें रिलायंस जियो और मस्क की कंपनी स्टारलिंक भी शामिल है। लेकिन सुरक्षा मानक को पूरा करना आवश्यक है।
संचार मंत्रालय जल्द ही सैटेलाइट संचार सेवा की कीमत को लेकर कंपनियों से विचार-विमर्श करेगा। लेकिन इससे पहले स्पेक्ट्रम के आवंटन या नीलामी को लेकर फैसला किया जाएगा।
ऐसा माना जा रहा है कि सैटेलाइट संचार सेवा की कीमत वर्तमान में जारी संचार सेवा काफी अधिक हो सकती है। मस्क की स्टारलिंक दुनिया में 100 से अधिक देशों में सेटेलाइट सेवा मुहैया करा रही है।
