विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Russian Oil Import: होर्मुज नाकेबंदी के बीच भारत जमकर खरीद रहा रूसी तेल, 5.3 अरब यूरो के पार पहुंचा नंबर

Published: Tue, 14 Apr 2026 10:00 PM (IST)

भारत का रूसी तेल आयात मार्च में तीन गुना बढ़कर 5.3 अरब यूरो हो गया। तेल की कीमतों में उछाल और दोगुनी खरीद के कारण यह वृद्धि हुई।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मार्च में भारत का रूसी तेल आयात तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 5.3 अरब यूरो हो गया। तेल कीमतों में उछाल और फरवरी के मुकाबले दोगुना तेल खरीदने के चलते आयात बिल बढ़ा। यूरोपीय थिंक टैंक 'सेंटर फार रिसर्च आन एनर्जी एंड क्लीन एयर' के मुताबिक फरवरी में खरीद में गिरावट के बाद मार्च में भारत फिर से बड़े पैमाने पर रूस से कच्चे तेल की खरीद करने लगा।

भारत का रूसी तेल आयात 5.3 अरब यूरो

रिपोर्ट में कहा गया, 'मार्च में भारत रूस के जीवाश्म ईंधन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार था और इस दौरान उसने कुल 5.8 अरब यूरो के रूसी हाइड्रोकार्बन खरीदे। भारत की कुल खरीद में कच्चे तेल के उत्पादों का हिस्सा 91 प्रतिशत था और इनकी कीमत 5.3 अरब यूरो थी। बाकी मासिक आयात में कोयला (33.7 करोड़ यूरो) और तेल उत्पाद (17.85 करोड़ यूरो) शामिल थे।'

फरवरी में, भारत तीसरा सबसे बड़ा आयातक था, जिसने 1.8 अरब यूरो के रूसी हाइड्रोकार्बन खरीदे थे। इसमें कच्चे तेल की हिस्सेदारी 81 प्रतिशत (1.4 अरब यूरो) थी। इसके बाद कोयला (22.3 करोड़ यूरो) और तेल उत्पाद (12.1 करोड़ यूरो) थे। सीआरईए ने कहा, 'मार्च में भारत के कुल कच्चे तेल के आयात में चार प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, लेकिन इस दौरान रूस से आयात दोगुना हो गया।'

रूसी तेल खरीद में 148% वृद्धि

खरीद में यह उछाल तब आया जब अमेरिका ने रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों में एक महीने की छूट दी। मार्च में सबसे बड़ा बदलाव सरकारी रिफाइनरियों द्वारा रूस से किए गए आयात में देखने को मिला, जिसमें महीने-दर-महीने आधार पर 148 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई। सरकारी रिफाइनरियों का आयात मार्च 2025 की तुलना में 72 प्रतिशत ज्यादा था।

मार्च में, चीन ने रूस के कुल कच्चे तेल के निर्यात का 51 प्रतिशत खरीदा, उसके बाद भारत (38 प्रतिशत), तुर्की (6 प्रतिशत) और यूरोपीय संघ (1.8 प्रतिशत) का स्थान रहा। फरवरी में चीन और तुर्की के बाद भारत रूसी तेल का तीसरा सबसे बड़ा खरीदार था। फरवरी में भी रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बना रहा और कुल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत थी।