Online Game Rules: ऑनलाइन गेमिंग नियमों में बड़ा बदलाव, 1 मई से ई-स्पोर्ट्स के लिए रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी
1 मई से ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम लागू होंगे, जिसके तहत ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) की स्थापना की गई है।

1 मई से ऑनलाइन गेमिंग नियमों में बड़ा बदलाव।
HighLights
1 मई से ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) सक्रिय।
ई-स्पोर्ट्स के लिए पंजीकरण अनिवार्य, पैसे वाले गेम प्रतिबंधित।
उपयोगकर्ता सुरक्षा और गेम के मूल देश पर ध्यान।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एक मई से ऑनलाइन गेमिंग के लिए नए नियम लागू होने जा रहे हैं। ऑनलाइन गेमिंग के नियामक के रूप में ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ओजीएआई) की स्थापना की गई है जो एक मई से काम करने लगेगा।
डिजिटल रूप में काम करने वाले ओजेएआई के चेयरमैन इलेक्ट्रानिक्स व आईटी मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव होंगे। वहीं, आर्थिक मामले विभाग, सूचना व प्रसारण मंत्रालय, खेल व युवा कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव इसके सदस्य के रूप में काम करेंगे।
ओजीएआई यह तय करेगा कि किस प्रकार के ऑनलाइन गेम को पंजीयन की आवश्यकता होगी और किसे नहीं। लेकिन यह साफ कर दिया गया है कि पैसे से संबंधित ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध जारी रहेगा और इसके संचालन की इजाजत नहीं दी जाएगी। पैसे से जुड़े सभी गेम के संचालन पर पिछले साल प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके संचालन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
आईटी मंत्रालय की तरफ से जारी अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि सोशल गेमिंग के संचालन के लिए किसी प्रकार के पंजीयन की जरूरत नहीं होगी। ई-स्पोर्ट्स के लिए पंजीयन आवश्यक होगा क्योंकि ई-स्पोर्ट्स से प्राइज मनी जुड़ा है।
खेल व युवा मंत्रालय ई-स्पोर्ट्स की परिभाषा व अन्य चीजें तय करेगा। ओजीएआई के पास गेमिंग की श्रेणी तय करने का अधिकार होगा। आने वाले समय में ओजीएआई विस्तृत निर्देश जारी करेगा।
किसी प्रकार का शक होने पर भी ऑनलाइन गेमिंग से ओजीएआई तहकीकात कर सकता है। पंजीयन के नियम में गेम के ओरिजिन यानी कि यह देखा जा सकता है कि वह गेम मूल रूप से किस देश का है। सभी ऑनलाइन गेमिंग में यूजर सेफ्टी फीचर रखना अनिवार्य होगा। ओजीएआई यूजर सेफ्टी फीचर तय करेगा। यह भी संभव है कि ऑनलाइन गेमिंग खासकर ई-स्पोर्ट्स खेलने के लिए उम्र निर्धारित की जाए।
विदेश से संचालित होने वाले सट्टा पर भी सरकार की नजर
इलेक्ट्रानिक्स व आईटी सचिव एस.कृष्णन ने बताया कि विदेश से संचालित होने वाले सट्टा ऐप पर भी सरकार की नजर है और उन्हें लगातार प्रतिबंधित किया जा रहा है। देश में हो रहे राज्यों के चुनाव को लेकर भी विभिन्न विदेशी ऐप पर वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के जरिए सट्टा लगाए जा रहे हैं।
लेकिन इसमें दिक्कत यह आ रही है कि कई वीपीएन वैधानिक है, इसलिए सभी वीपीएन को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है।
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