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New Income Tax Law: 1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स कानून, क्या होगा बदलाव?

Published: Tue, 24 Mar 2026 06:00 AM (IST)

नया आयकर कानून 2025, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, लेकिन चालू वित्त वर्ष 2025-26 की आय पर मौजूदा 1961 ...और पढ़ें

1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स कानून।

1 अप्रैल से लागू होगा नया इनकम टैक्स कानून।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एक अप्रैल, 2026 से नया आयकर कानून, 2025 लागू होने जा रहा है। लेकिन आयकरदाताओं को रिटर्न फाइल करने को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

आयकर विभाग की ओर से सोमवार को जारी एफएक्यू (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल) में स्पष्ट किया गया है कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 यानी एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच होने वाली आय का आकलन मौजूदा आयकर अधिनियम 1961 के तहत ही किया जाएगा और इसी के तहत अधिसूचित फार्म का इस्तेमाल होगा।

नया कानून सिर्फ वित्त वर्ष 2026-27 से शुरू होने वाली आय पर लागू

नया कानून सिर्फ वित्त वर्ष 2026-27 यानी एक अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली आय पर ही लागू होगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है और इसमें वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए भत्तों और सुविधाओं का एक संशोधित ढांचा पेश किया गया है। इसमें कुछ टैक्स राहत के साथ-साथ नियमों का पालन भी ज्यादा सख्त किया गया है।

अधिसूचित किए गए नए नियमों में मुख्य बदलावों में मकान किराया भत्ता (एचआरए) की छूट सीमा को बढ़ाना शामिल है। पहले जहां देश के केवल चार शहर ही 50 प्रतिशत वाली श्रेणी में आते थे वहीं अब इनकी संख्या आठ हो गई है।

इसके अलावा, बच्चों की शिक्षा और हास्टल के खर्च को भी बढ़ा दिया गया है और अब इसे क्रमश: 3,000 रुपये प्रति माह और 9,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। नए कानून के तहत वित्त वर्ष और आकलन वर्ष शब्दों की जगह अब टैक्स ईयर शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि टैक्स के ढांचे में ज्यादा एकरूपता लाई जा सके और उसे समझने में आसानी हो।

अन्य खास बातें- ई-फाइलिंग पोर्टल

पुराने और नए आयकर अधिनियमों के तहत अनुपालन में सहायता करेगा- पिछले वर्षों से संबंधित सभी आकलन, अपील और अन्य प्रक्रियाएं पुराने अधिनियम के तहत अंतिम समाधान तक जारी रहेंगी- टैक्स ईयर 2026-27 के लिए जून 2026 से शुरू होने वाला अग्रिम कर भुगतान नए अधिनियम के अनुसार किया जाएगा- बिना दंड शुल्क समय सीमा के बाद दाखिल किए गए आइटीआर पर टीडीएस रिफंड का दावा किया जा सकेगा।

नए अधिनियम के लागू होने से पहले आकलन वर्ष 2024-25 के लिए करदाता की आय का आकलन शुरू होने पर पुराने अधिनियम के प्रविधान लागू होंगे।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)