नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। भारत ने पाकिस्तान के साथ दोस्ती का कदम आगे बढ़ाने से पहले सीमा पर जारी बंदूकों का शोर बंद करने को कहा है। भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिवों ने 25 अगस्त को इस्लामाबाद में मुलाकात की तारीख तय करने से पहले बुधवार को फोन पर बात की। इस दौरान भारतीय विदेश सचिव सुजाता सिंह ने स्पष्ट कर दिया कि सार्थक बातचीत और सहयोग के लिए सरहद पर शांति जरूरी है।

विदेश मंत्रालय प्रवक्ता के मुताबिक विदेश सचिव ने बुधवार दोपहर अपने पाकिस्तानी समकक्ष एजाज अहमद चौधरी से फोन पर बात की। दोनों विदेश सचिवों ने तय किया कि वे 25 अगस्त को इस्लामाबाद में मिलेंगे। साथ ही तय करेंगे कि बातचीत की प्रक्रिया को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे पहले 27 मई को भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच नई दिल्ली में हुई मुलाकात में तय किया गया था कि दोनों देशों के विदेश सचिव संपर्क में रहेंगे। मोदी और शरीफ की मुलाकात के बाद दोनों विदेश सचिवों का यह पहला संवाद था।

प्रवक्ता के मुताबिक फोन पर बातचीत के दौरान विदेश सचिव सुजाता सिंह ने बीते कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हो रही गोलीबारी का मुद्दा उठाते हुए इसे शांति प्रयासों की राह में रोड़ा बताया। विदेश सचिव ने कहा कि इस तरह की घटनाएं माहौल बिगाड़ने के साथ ही राजनीतिक नेतृत्व की ओर से शांति एवं रिश्ते सुधारने के प्रयासों में बाधा पहुंचाती हैं। बता दें कि शरीफ-मोदी मुलाकात के बाद दो महीनों में पाक 19 बार सीमा पर शांति समझौते को तोड़ गोलीबारी कर चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी शरीफ से मुलाकात में कहा था कि बम धमाकों को शोर में बातचीत की आवाज सुनाई नहीं देती। अगस्त के तीसरे सप्ताह में होने वाली विदेश सचिवों की मुलाकात सितंबर में न्यूयार्क में संभावित दोनों प्रधानमंत्रियों की मुलाकात की जमीन तैयार करेगी।

विदेश सचिवों की मुलाकात से पहले 24 जुलाई को थिंपू में दोनों मुल्कों के वाणिज्य मंत्रियों की भी मुलाकात हो रही है। हालांकि भारतीय खेमा अभी बातचीत की राह पर फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रहा है। वार्ता प्रक्रिया के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता का कहना था कि दोनों प्रधानमंत्रियों के निर्णय के मुताबिक दोनों विदेश सचिव संपर्क में है।

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