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भारत-न्यूजीलैंड में 'रणनीतिक साझेदारी' का ऐतिहासिक एलान, समुद्री सुरक्षा के लिए बनेगा विशेष रोडमैप

By Jaiprakash RanjanEdited By: Deepak Gupta
Published: Sat, 11 Jul 2026 07:17 PM (GMT+05:30)

भारत और न्यूजीलैंड ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करते हुए 'रणनीतिक साझेदारी' की घोषणा की है।

भारत-न्यूजीलैंड में 'रणनीतिक साझेदारी' का ऐतिहासिक एलान।

भारत-न्यूजीलैंड में 'रणनीतिक साझेदारी' का ऐतिहासिक एलान।

HighLights

  1. भारत-न्यूजीलैंड ने 'रणनीतिक साझेदारी' का ऐतिहासिक दर्जा घोषित किया।

  2. हिंद-प्रशांत में समुद्री सुरक्षा सहयोग के लिए रोडमैप तैयार।

  3. दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य।

जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के साथ समुद्री सुरक्षा पर समझौता व सहयोग का रोडमैप जारी करने के बाद भारत ने न्यूजीलैंड के साथ भी समुद्री सुरक्षा सहयोग की शुरुआत की है।

दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भविष्य के समुद्री सुरक्षा सहयोग के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने का निर्णय लिया है। यह रोडमैप समुद्री क्षेत्र में संवाद, सूचना साझाकरण, संयुक्त अभ्यास और क्षमता निर्माण पर केंद्रित होगा, जिससे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को मजबूती मिलेगी।

तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार को न्यूजीलैंड की आर्थिक राजधानी ऑकलैंड पहुंचे जहां उनकी पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के साथ कई चरणों में मुलाकात हुई और दो आधारिकारिक वार्ताएं हुई। दोनों प्रधानमंत्रियों की बैठक के बाद कुल 10 समझौते और आठ घोषणाएं की गईं। साथ ही द्विपक्षीय कारोबार को वर्ष 2030 तक दोगुना कर 35 हजार करोड़ रुपये का किया जाएगा।

न्यूजीलैंड में पीएम लक्सन ने जिस तरह से पीएम मोदी का हवाई अड्डे पर स्वागत किया उससे पीएम मोदी भावुक भी हिए जिसका जिक्र उन्होंने आधिकारिक वार्ता में अपने भाषण में किया।

बहरहाल, द्विपक्षीय बैठक के बाद जारी आपसी सहयोग के प्रपत्रों में रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और अन्य क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण समझौते व घोषणाएं हैं। घोषणाओं में सबसे महत्वपूर्ण दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया जाना है। इस दर्जे के तहत एक दूसरे को किस तरह से मदद की जाएगी इसका निर्धारण करने के लिए ‘भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी: रोडमैप टू 2030’ को मंजूरी दी गई है।

व्यापार और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 35,000 करोड़ रुपये तक दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। दोनों देश मुक्त व्यापार समझौता कर रहे हैं और माना जा रहा है कि यह कोई बड़ा लक्ष्य नहीं है।

अन्य प्रमुख समझौतों में रक्षा मंत्रालय भारत और न्यूजीलैंड रक्षा बल के बीच समुद्री सहयोग पर समझौता करना प्रमुख है। यह इंडो-पैसिफिक में संवाद, समन्वय, सूचना आदान-प्रदान और संयुक्त गतिविधियों के जरिए समुद्री सहयोग को नई ऊंचाई देगा।

हाइड्रोग्राफी और नॉटिकल कार्टोग्राफी के क्षेत्र में सहयोग की व्यवस्था से नौवहन चार्टों का संयुक्त उत्पादन, हाइड्रोग्राफिक डेटा साझाकरण, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

भारतीय नौसेना और न्यूजीलैंड रक्षा बल के बीच पारस्परिक रसद सहायता व्यवस्था को भी अनुमोदित किया गया है जिससे एक दूसरे की गतिविधियों और अभियानों के दौरान दोनों पक्ष आसानी से रसद व दूसरी सामग्रियां उपलब्ध कराएंगे।

आतंकवाद विरोधी सहयोग के लिए एक संयुक्त समूह की स्थापना से सूचना आदान-प्रदान और समन्वय बढ़ाने का फैसला भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत न्यूजीलैंड में खालिस्तानी समर्थकों की बढ़ती संख्या से थोड़ा चिंतित है। अब दोनों देश आतंकवाद के खतरे से प्रभावी ढंग से निपट सकेंगे।

पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में सहयोग ज्ञापन से तकनीकी सहयोग, ज्ञान आदान-प्रदान और सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा मिलेगा। विदेश मंत्रियों के नियमित संवाद और वार्षिक वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकों की प्रथा को मजबूत करने का भी निर्णय लिया गया।

इन कदमों से व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, पर्यटन, संस्कृति, खेल, कृषि-प्रौद्योगिकी और जन-जन संबंधों के साथ-साथ हिंद-प्रशांत प्राथमिकताओं और बहुपक्षीय मुद्दों पर समन्वय बढ़ेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि यह हमारे संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जो हमारे संबंधों की नई ऊर्जा और हमारी मित्रता के नए संकल्प को दोहराने वाला है।

उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के भारत दौरे और एफटीए की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि इतने कम समय में पूरा न्यूजीलैंड एक साथ होकर एफटीए को जमीन पर उतारना शायद ही दुनिया में पहली बार इतनी सफलता हुई होगी। इसके लिए उन्होंने न्यूजीलैंड के नेतृत्व, सरकार और टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों में दृढ़ विश्वास हमें नैचुरल पार्टनर बनाता है। मेड फॉर ईच अदर जैसा है ये संबंध। दो समुद्री देशों के रूप में हमारा करीबी सहयोग इंडो-पैसिफिक को एक नई ताकत देता है और शांति के हमारे लक्ष्यों को हासिल करने में हमारे संबंध नई ऊर्जा भर सकते हैं।

न्यूजीलैंड के पीएम लक्सन ने कहा कि भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी हमारे दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को नई ऊंचाई प्रदान करेगी और साझा मूल्यों को मजबूत करेगी।

उन्होंने समुद्री सुरक्षा को इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता का आधार बताते हुए कहा कि नया समुद्री सुरक्षा संवाद और भारत की तरफ से प्रस्तावित इंडियन पैसिफिक ओसियन इनिसिएटिव (आइपीओआइ) में शामिल हो कर न्यूजीलैंड इस क्षेत्र को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।