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भारत बनेगा चिप हब: अश्विनी वैष्णव बोले- आने वाले वर्षों में भारतीय युवा बनाएंगे क्वालकॉम और इंटेल जैसी कंपनियां

Published: Sun, 20 Sep 2026 02:10 AM (IST)

एक साक्षात्कार में वैष्णव ने बताया कि कई देश भारत को एक विश्वसनीय साझेदार मानते हैं, लेकिन सेमीकंडक्टर उद्योग को संभावित साइबर हमलों और व्यवधानों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

आने वाले वर्षों में क्वॉलकॉम, इंटेल जैसी कंपनियां बनाएंगे भारतीय युवा: वैष्णव

आने वाले वर्षों में क्वॉलकॉम, इंटेल जैसी कंपनियां बनाएंगे भारतीय युवा: वैष्णव

HighLights

  1. केंद्रीय इलेक्ट्रानिक्स मंत्री ने कहा, भारत की सेमीकंडक्टर नीति में भरोसा जता रही हैं वैश्विक कंपनियां

  2. आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वैश्विक सीईओ भारत में निवेश करने के लिए तैयार हैं

पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि भारत की भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति में आत्मविश्वास के संकेत मिल रहे हैं।

इसका कारण यह है कि देश में पांच सेमीकंडक्टर इकाइयों में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो गया है और वैश्विक कंपनियों नए निवेश की कतार में लगी है। उन्होंने भरोसा जताया कि स्टार्टअप में कार्यरत भारतीय युवा आने वाले वर्षों में क्वॉलकॉम और इंटेल जैसी बड़ी कंपनियां बनाएंगे।

एक साक्षात्कार में वैष्णव ने बताया कि कई देश भारत को एक विश्वसनीय साझेदार मानते हैं, लेकिन सेमीकंडक्टर उद्योग को संभावित साइबर हमलों और व्यवधानों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।

पिछले चार से पांच वर्षों में भारत की निर्माण क्षमताओं के प्रति वैश्विक धारणा में बदलाव आया है और अब परियोजनाएं वाणिज्यिक उत्पादन की ओर बढ़ रही हैं।

वैश्विक सीईओ भारत में निवेश करने के लिए तैयार हैं। एक सीईओ को उनकी कंपनी के बोर्ड ने उन्हें भारत की सेमीकंडक्टर योजनाओं में पूंजी लगाने के लिए अधिकृत किया है। यह केवल पहला कदम है, बहुत कुछ करना बाकी है।

सेमीकंडक्टर 2.0 नीति के तहत सरकार 1,27,500 करोड़ रुपये का भारी पूंजी प्रोत्साहन प्रदान कर रही है। इस नीति के तहत लगभग 11-12 अरब डालर के निवेश की रुचि उभरी है।

वैष्णव ने कहा कि सरकार 200 चिप-डिजाइन स्टार्टअप को उद्यम फंडिंग प्रदान करने और एक लाख कुशल तकनीशियनों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य बना रही है। भारत में पांच कार्यशील सेमीकंडक्टर संयंत्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा में हैं और जापान, यूरोप और अमेरिका जैसे बाजारों में निर्यात कर रहे हैं।