जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत में कोरोना महामारी की स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है, इसके बावजूद भारतीयों को लेकर कई देशों का रवैया नहीं बदला है। इस कारण आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका, कनाडा, चीन और यूरोपीय देशों के दर्जनों विश्वविद्यालयों में एडमिशन लेने वाले भारतीय विद्यार्थियों की समस्या बढ़ती जा रही है।

सरकारी स्तर पर इजाजत नहीं मिलने और हवाई सेवा नहीं होने के कारण हजारों भारतीय विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। विदेश मंत्रालय के पास रोजाना ऐसे सैकड़ों विद्यार्थियों की तरफ से मदद की गुहार आ रही है। विदेश मंत्रालय लगातार कूटनीतिक स्तर पर यह मुद्दा उक्त देशों के समक्ष उठा रहा है, कुछ देशों की तरफ से मदद का आश्वासन मिल रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत बदलती नहीं दिख रही।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अ¨रदम बागची ने इस बारे में बताया, हम लगातार विदेशी सरकारों को बताने की कोशिश कर रहे हैं कि भारत में कोरोना की स्थिति सुधर रही है।

नई दिल्ली स्थित इन देशों के राजनयिकों को भी बताया जा रहा है और दूसरे देशों में स्थित हमारे राजदूत भी संबंधित प्रतिनिधियों से मिलकर बात कर रहे हैं। भारतीयों को आने-जाने में छूट मिलने पर ही भारतीय छात्रों को भी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जारी रखने की छूट होगी। कुछ देशों की तरफ से सकारात्मक संकेत मिले हैं और जल्द ही उनकी तरफ से घोषणा हो सकती है।

उधर, राज्यसभा में विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने बताया कि अब अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी, नीदरलैंड, जार्जिया जैसे देशों ने भारतीय छात्रों के लिए प्रवेश नियमों में ढिलाई देनी शुरू कर दी है। सरकार की तरफ से ग्लोबल इंडियन स्टूडेंट्स पोर्टल भी बनाया जा रहा है जहां शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले छात्रों का पंजीयन किया जाएगा ताकि उनकी मदद की जा सके।

विदेश मंत्रालय की इस उम्मीद के बावजूद अन्य कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि हालात बहुत सकारात्मक नहीं दिख रहे हैं। कई विश्वविद्यालयों के दबाव के बावजूद उनकी सरकार भारत के छात्रों को अनुमति देने से अभी हिचक रही है।

कुछ देशों में प्रवेश की इजाजत मिलने के बावजूद सामान्य फ्लाइट नहीं होने की वजह से भी समस्या आ रही है। इस बारे में भी विदेश मंत्रालय को आग्रह भेजा जा रहा है। चीन और आस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को फिलहाल काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आस्ट्रेलिया सरकार ने अभी विद्यार्थियों को बुलाने की प्रक्रिया शुरू ही की थी कि वहां कोरोना की नई लहर से फिर सारी प्रक्रिया ठप हो गई।

Edited By: Pooja Singh