प्रशिक्षण से पासपोर्ट तक... विदेश में नौकरी के लिए युवाओं को पूरी तरह तैयार कर रहीं राज्य सरकारें
राज्य सरकारें युवाओं को विदेश में नौकरी के लिए प्रशिक्षण, भाषा ज्ञान और पासपोर्ट से लेकर विदेश में सहायता तक ...और पढ़ें

युवाओं को ट्रेनिंग देकर विदेश भेज रहीं सरकारें (यह तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है।)
HighLights
राज्य सरकारें विदेश में नौकरी हेतु युवाओं को कर रहीं तैयार।
प्रशिक्षण, भाषा ज्ञान, पासपोर्ट सहायता सहित पूर्ण व्यवस्था।
इजरायल, जापान जैसे देशों में हजारों युवा पा रहे रोजगार।
जागरण टीम, नई दिल्ली । रोजगार की तलाश में अब युवाओं का रास्ता केवल देश के महानगरों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकारें उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने के साथ उस नौकरी के लिए तैयार भी कर रही हैं। विदेशी भाषा, तकनीकी कौशल, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण से लेकर पासपोर्ट, भर्ती प्रक्रिया और विदेश पहुंचने के बाद मदद तक की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसका सीधा असर युवाओं की आय पर दिख रहा है।
इजरायल में निर्माण क्षेत्र में काम कर रहे उत्तर प्रदेश के श्रमिक करीब डेढ़ से दो लाख रुपये प्रतिमाह तक कमा रहे हैं और एक वर्ष में करीब 1400 करोड़ रुपये अपने परिवारों को भेज चुके हैं। यानी विदेश में मिला रोजगार केवल एक व्यक्ति की आमदनी नहीं बढ़ा रहा, घर की आर्थिक स्थिति से लेकर देश की अर्थव्यवस्था तक को गति दे रहा है।
दरअसल, जब युवा विदेश में बेहतर आय अर्जित करते हैं और उसका बहुत बड़ा हिस्सा उनके परिवारों तक पहुंचता है तो घरों की आय, शिक्षा, आवास और स्थानीय कारोबार पर उसका प्रभाव पड़ता है।
उत्तर प्रदेश से अब तक छह हजार से अधिक श्रमिकों को इजरायल भेजा जा चुका है। 1336 और श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर भेजने की प्रक्रिया चल रही है, जबकि रेनोवेशन क्षेत्र के 245 श्रमिक भी तैयार किए जा रहे हैं। इजरायल, जर्मनी, जापान और सऊदी अरब में नर्सिंग, केयरगिवर, फैब्रिकेशन और मैकेनिकल जैसे क्षेत्रों में छह हजार से अधिक रोजगार के अवसर मिले हैं।
राज्य सरकार युवाओं को संबंधित में रोजगार के लिए ही अवसर नहीं दे रह है, उस देश की जरूरत के अनुसार तकनीकी प्रशिक्षण भी दे रही है। बातचीत करना आसान हो, इसके लिए वहां की भाषा भी सिखाई जा रही है।
जर्मन और जापानी भाषा की कक्षाएं, इसी तैयारी का हिस्सा हैं। इतना ही नहीं, विदेश में फर्जीवाड़े से बचाने के लिए भर्ती एजेंसी का लाइसेंस, दूतावासों से समन्वय और विदेश पहुंचने के बाद सहायता की व्यवस्था भी की जा रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में स्थानीय अभिभावक जैसी व्यवस्था और 24 घंटे चलने वाला इंटीग्रेटेड काल सेंटर शुरू करने की तैयारी है।
हरियाणा में भी सरकारी तंत्र के माध्यम से इस दिशा में कदम बढ़े हैं। इस वर्ष 390 युवाओं को इजरायल भेजा गया, जबकि पहले चरण में चयनित 225 में से 180 अब भी वहां काम कर रहे हैं। 210 युवाओं को दुबई के आफर लेटर मिल चुके हैं। जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर के साथ अगले पांच वर्षों में 50 हजार युवाओं को तकनीकी और विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार दिलाने का समझौता हुआ है।
हरियाणा में युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार करने के लिए सरकारी स्कूल-कालेजों में जर्मन, जापानी, अंग्रेजी और फ्रेंच जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण और विशेष कौशल कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। इसके अलावा स्नातक अंतिम वर्ष के सभी छात्रों को कालेज स्तर पर ही निश्शुल्क पासपोर्ट बनवाने की सुविधा दी गई है।
विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं की सहायता और उन्हें फर्जी एजेंटों के चंगुल से बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने विदेश सहयोग विभाग बनाया हुआ है। इस विभाग के अधीन कार्यरत हरियाणा रोजगार कौशल निगम लिमिटेड (एचकेआरएनएल) को बाकायदा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) से रिक्रूटमेंट एजेंट (आरए) का लाइसेंस मिला हुआ है। वर्तमान में जापान, आस्ट्रेलिया, जर्मनी, इजराइल , मारीशस, रूस, नार्वे और दुबई सहित अन्य देशों के विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधि हरियाणा के विदेश सहयोग विभाग के संपर्क में हैं।
मध्य प्रदेश में ग्लोबल स्किल पार्क से 35 युवा जापान, हंगरी और दुबई भेजे जा चुके हैं। उत्तराखंड में 2023 से अब तक 123 युवाओं को जापान, सऊदी अरब और जर्मनी में रोजगार मिला है, जबकि 27 को यूएई में हास्पिटैलिटी क्षेत्र में काम मिला है। राजस्थान में प्रति वर्ष करीब एक हजार युवाओं को जापानी, कोरियन, जर्मन, फ्रेंच और स्पेनिश भाषा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि विदेशी रोजगार के लिए ये तैयार हो सकें।
नौकरी का टिकट ही नहीं, पूरी तैयारी का है माडल
विदेश जाने वाले युवाओं के लिए राज्यों की भूमिका अब चयन कराने तक सीमित नहीं रह रही। कौशल प्रशिक्षण के साथ, भाषा ज्ञान, भर्ती प्रक्रिया, सुरक्षित प्रवासन और विदेश में सहायता को एक साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। उत्तर प्रदेश में भर्ती एजेंसी का लाइसेंस और प्रस्तावित हेल्पलाइन, हरियाणा में फर्जी एजेंटों से बचाव की व्यवस्था, मध्य प्रदेश में प्रशिक्षण लागत का 70 प्रतिशत तक वहन और उत्तराखंड में निश्शुल्क आवास-भोजन जैसी व्यवस्थाएं इसी बदलते माडल का संकेत हैं।
हाल ही में हरियाणा सरकार ने जापान के फुकुओका प्रीफेक्चर प्रांत के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत अगले पांच वर्षों में प्रदेश के 50 हजार युवाओं को तकनीकी और विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार दिलाया जाएगा।
- डा. पवन चौधरी, विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकारसेवायोजन विभाग के माध्यम से इजरायल, जर्मनी, जापान और सऊदी अरब में छह हजार से अधिक रोजगार के पद प्राप्त हुए हैं। इनमें नर्सिंग, केयरगिवर, फैब्रिकेशन और मैकेनिकल क्षेत्र के पद शामिल हैं। विभाग विदेश में रोजगार की मांग का पता लगाने के लिए संबंधित देशों के दूतावासों के साथ समन्वय कर रहा है।
- डा. एमकेएस शन्मुगा सुंदरम, प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश
- 6000 से अधिक श्रमिक उत्तर प्रदेश से अब तक इजरायल पहुंचे
- 1400 करोड़ रुपये एक वर्ष में उत्तर प्रदेश के श्रमिकों ने स्वजन को भेजे
- 1336 उत्तर प्रदेश के श्रमिक इजरायल जाने के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं
- 390 हरियाणा के युवा इस वर्ष इजरायल भेजे गए
- 210 हरियाणा के युवाओं को दुबई के आफर लेटर मिले हैं
- 50 हजार युवाओं को जापान के फुकुओका समझौते के तहत पांच वर्ष में रोजगार का हरियाणा सरकार का लक्ष्य
- 123 उत्तराखंड के युवाओं को जापान, सऊदी अरब और जर्मनी में मिला रोजगार
- 35 मध्य प्रदेश के युवा जापान, हंगरी और दुबई भेजे गए
इनपुट- उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश व राजस्थान
