नई दिल्ली, प्रेट्र। भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान की इस अपुष्ट दावे के लिए खिंचाई की कि हाल में झारखंड के बोकारो में जब्त सामग्री यूरेनियम थी और कहा कि यह देश की छवि धूमिल करने का प्रयास है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जब्त सामग्री यूरेनियम नहीं थी। उसने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियंत्रित सामग्रियों के लिए भारत में कड़े कानूनी नियामक हैं, जो इसके परमाणु अप्रसार कार्यों से झलकता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, भारत सरकार के नाभिकीय ऊर्जा विभाग ने नमूने की जांच और प्रयोगशाला में विश्लेषण से पाया कि जब्त सामग्री यूरेनियम नहीं है और न ही यह रेडियोधर्मी है।

उन्होंने कहा, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा भारत पर की गई टिप्पणी तथ्यों को जांचे बगैर भारत की छवि धूमिल करने की उनकी हताशा को दर्शाता है। बागची एक संवाददाता सम्मेलन में इस मुद्दे पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते जब्त सामग्री को रेडियोधर्मी बताते हुए उसकी जांच की मांग की थी।

अफगानिस्तान में विभिन्न हितधारकों के संपर्क में है भारत

भारत ने कहा है कि वह अफगानिस्तान में शांति, विकास और पुननिर्माण के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के तहत वहां विभिन्न हितधारकों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत अफगानिस्तान में सभी जातीय समूहों के संपर्क में है और वहां शांति की सभी पहलों का समर्थन करता है। 

विभिन्न देशों के साथ उठा रहे भारतीय छात्रों का मुद्दा

अरिंदम बागची ने कहा कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों के चलते विदेश यात्रा से असमर्थ भारतीय छात्रों की चुनौतियों से सरकार अवगत है और इस मुद्दे को संबंधित देशों के साथ प्रमुखता से उठा रही है। बागची ने कहा कि सरकार अपनी नीतियों के अनुरूप विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।

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