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शारजाह में पनामा के तेल के टैंकर पर ड्रोन हमला, जहाज पर सवार सभी 22 भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित बचाए गए

Published: Sat, 10 Oct 2026 09:40 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 10 Oct 2026 09:43 AM (GMT+05:30)

पनामा के तेल टैंकर एमटी जेम नंबर 2 पर हुए ड्रोन हमले के बाद सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।

शारजाह में पनामा के तेल टैंकर पर ड्रोन हमला(प्रतीकात्मक तस्वीर)

शारजाह में पनामा के तेल टैंकर पर ड्रोन हमला(प्रतीकात्मक तस्वीर)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि पनामा के फ्लैग वाले कच्चे तेल के टैंकर एमटी जेम नंबर 2 पर सवार सभी 22 भारतीय नाविक पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इस जहाज पर 9 अक्टूबर को यूएई के पास शारजाह एंकरेज में ड्रोन से हमला किया गया था।

केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए जहाज की प्रबंधन कंपनी से लगातार संपर्क बनाया हुआ है। हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र और काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर बढ़ते हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

नाविकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय पहल

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफारर्स की शुरुआत की गई है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य समुद्री क्षेत्र से जुड़े देशों को एक मंच पर लाना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के ज़रिए नाविकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

भारत और लाइबेरिया की संयुक्त अगुवाई

संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान शुरू किए गए इस समूह की पहली बैठक न्यू यॉर्क में हुई। इसकी सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसलो न्यांती ने की, जिसमें 25 देशों ने हिस्सा लिया।

भारत और लाइबेरिया ने एक संयुक्त बयान जारी कर खाड़ी क्षेत्र और काला सागर में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की। दोनों देशों ने कहा कि समुद्री व्यापार को प्रभावित करने वाले और बेकसूरों की जान लेने वाले ये हमले पूरी तरह से अनुचित हैं।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत नाविकों की आपूर्ति करने वाला एक प्रमुख देश है और जहाजों पर होने वाले इन हमलों का तुरंत रुकना बेहद जरूरी है।

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