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रेलवे का 6000 HP वाला इंजन पुरानी ट्रेनों को देगा बूस्ट, 160 KM/घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी रेल

Published: Fri, 11 Sep 2026 06:18 PM (IST)

भारतीय रेलवे अपनी पारंपरिक यात्री ट्रेनों को आधुनिक बनाने के लिए 6,000 HP के नए इंजन लगाएगा। ये 'पुश-पुल' तकनीक वाले इंजन ट्रेनों को 160 किमी/घंटे की रफ्तार देंगे।

पुरानी ट्रेनों में लगेंगे 6,000 HP के नए इंजन (फाइल फोटो)

पुरानी ट्रेनों में लगेंगे 6,000 HP के नए इंजन (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पारंपरिक ट्रेनों को 6,000 HP के नए इंजनों से अपग्रेड किया जाएगा।

  2. 'पुश-पुल' तकनीक से ट्रेनें 160 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी।

  3. नए इंजन सीधे डिब्बों को बिजली देंगे, जनरेटर कार की जरूरत खत्म।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रेलवे अपनी पारंपरिक यात्री ट्रेनों को अधिक आधुनिक, तेज और आरामदायक बनाने के लिए उसे अपग्रेड करने जा रही है। रेलवे ने ट्रेनों के संचालन के लिए नए, ऊर्जा-कुशल और कम शोर करने वाले 6,000 HP के पावरफुल इंजन खरीदने की योजना बनाई है।

यह खरीद सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के प्रौद्योगिकी भागीदारों (PPP मॉडल) के साथ आपूर्ति और रखरखाव अनुबंधों के माध्यम से की जाएगी।

पुश-पुल तकनीक से बढ़ेगी रफ्तार

इन आधुनिक इंजनों को ट्रेन के दोनों सिरों पर 'पुश-पुल' (Push-Pull) फॉर्मेट में लगाया जाएगा। ट्रेन के आगे और पीछे लगे 6,000 HP के दो इंजन मिलकर कुल 12,000 हॉर्सपावर की ताकत देंगे। इससे ट्रेन तेजी से रफ्तार पकड़ेगी और अनुकूलित रेल मार्गों पर यह पारंपरिक ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी।

जनरेटर डिब्बों की नहीं होगी जरूरत

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इन नए इंजनों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि ये सीधे ट्रेन के डिब्बों में रोशनी, पंखे और एयर कंडीशनिंग (AC) के लिए बिजली की आपूर्ति करेंगे। इससे ट्रेनों में अलग से डीजल पावर जनरेटर कार लगाने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

वंदे भारत एक्सप्रेस में कोई अलग से बड़ा इंजन नहीं होता, बल्कि ट्रेन के डिब्बों के नीचे ही मोटरें (इंजन) लगी होती हैं। इसके विपरीत, रेलवे की इस नई प्रणाली में पुराने डिब्बों को हटाया नहीं जाएगा।

इसमें ट्रेन के आगे और पीछे दो शक्तिशाली इंजन (पुश-पुल तकनीक) लगाए जाएंगे। इससे मौजूदा डिब्बों का उपयोग भी होता रहेगा और ट्रेनें तेज रफ्तार से भी चल सकेंगी।