नई दिल्ली, एजेंसी। हर साल रेलवे में यात्रा करते वक्त दुर्घटना के शिकार होकर कई लोग अपनी जान गंवा देते हैं। वहीं, भारतीय रेलवे ने दावा किया है कि इस साल किसी भी यात्री की दुर्घटना में मौत नहीं हुई है। रेलवे का दावा है कि ऐसा 166 साल बाद हुआ है जब किसी यात्री की जान नहीं गई है। ये अपने आप में एक रिकॉर्ड है। यानी की भारतीय रेलवे के 166 साल के इतिहास में 2019-20 वर्ष 'जीरो पैसेंजर डेथ' का गवाह बन गया है। 

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दी जानकारी

रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा किए गए ट्वीट में इसकी जानकारी दी है। रेल मंत्री ने लिखा  'सेफ्टी फर्स्ट: 166 साल में पहली बार, भारतीय रेलवे को चालू वित्त वर्ष में जीरो यात्रियों की मौतें हुईं।' जानकारी के लिए बता दें कि मोदी सरकार रेलवे के आधुनिकरण पर जोर दे रही है। रेलगाड़ियों की गति बढ़ाने के साथ ही उन्हें आधुनिक बनाने और सुरक्षित सफर के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। जहां हवा से बात करती वंदेभारत एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस जैसी रेल गाड़ियां पटरियों पर दौड़ रही हैं।

रेलवे सेवाओं के एकीकृण होने से रेलवे की सुविधाओं: पीयूष गोयल

एक दूसरे ट्वीट में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे सेवाओं के एकीकृण होने से रेलवे की सुविधाओं, कार्यशैली और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार होगा। उन्होंने लिखा कि ये कदम विश्वस्तरीय रेल सेवाएं देने के हमारे संकल्प की दिशा में उठाया गया कदम है। इससे रेलवे काफी बेहतर होगा। इसी के साथ देश के विकास में अपना और ज्यादा अधिक योगदान देगी।

उन्होंने बताया कि दिल्ली से 50 अधिकारियों को फील्ड पर भेजा गया था। जिन्होंने एक्सीडेंट या किसी भी तरह की अनहोनी में जूनियर्स को फैसला लेना सिखाया था। इससे काफी बदलाव आया था। इसके अलावा रेलवे ने योजना बनाई है कि वह आने वाले 12 सालों में 50 लाख तक का निवेश करेगगी। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 में भारतीय रेलवे में 73 एक्सीडेंट दर्ज किए गए थे। 

Posted By: Ayushi Tyagi

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