सुरेंद्र प्रसाद सिंह, नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह नार्मल नहीं हो पा रहा है। लेकिन देश के कुछ अहम रुटों पर ही ट्रेन चलाने के लिए यात्रियों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके मद्देनजर सीमित संख्या में कुछ विशेष ट्रेनों का संचालन शुरु किया जा सकता है। भारतीय रेलवे बोर्ड ने इस बाबत एक प्रस्ताव विचार करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजा है। उसकी हरी झंडी के बाद ही विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

औद्योगिक शहरों में कारोबारी गतिविधियां रफ्तार पकड़ने लगी हैं। कोरोना संक्रमण से भयभीत जो प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौट गये थे, अब उनके आने का सिलसिला शुरु हो गया है। लेकिन विभिन्न राज्यों में मानसून सीजन में कोविड-19 वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। इसके मद्देनजर कई राज्यों अपने यहां ट्रेनों के ठहराव तक की अनुमति देने से मना कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल, झारखंड और गोवा इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति का है इंतजार

भारतीय रेलवे बोर्ड ने कुछ अहम रुटों पर ट्रेन चलाने के बारे में विचार-विमर्श शुरु कर दिया है। लेकिन इसके लिए उसे राज्यों की सहमति और केंद्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति की दरकार है। इस बाबत मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजा गया है। मगर कई राज्यों में कोविड-19 वायरस का संक्रमण इन दिनों से तेजी से बढ़ा है, जिसके मद्देनजर ट्रेनों के संचालन को लेकर स्थितियां साफ नहीं हो पा रही हैं।

58 ट्रेनों में टिकट की बुकिंग सौ फीसदी रही

फिलहाल चल रहीं 30 स्पेशल राजधानी ट्रेनों में से पश्चिम बंगाल सरकार के आग्रह पर दो ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है। जबकि 200 स्पेशल मेल एक्सप्रेस ट्रेनों में से चार का संचालन रद्द कर दिया गया है। 23 जून को इन स्पेशल ट्रेनों में टिकटों की बुकिंग का स्तर औसतन 75 फीसद रहा। जबकि 58 ट्रेनों में टिकट की बुकिंग सौ फीसद रही है। 42 ट्रेनों में 75 से 100 फीसद के बीच और 25 ट्रेनों में 50 से 75 फीसद टिकट बुकिंग हुई है।

भारतीय रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने इस बारे में बताया 'राज्य सरकारों की मांग पर ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी की जा सकती है। मंत्रालय दैनिक स्तर पर यात्रियों की टिकट बुकिंग की निगरानी कर रहा है। इनमें कुछ रुटों पर अतिरिक्त ट्रेनों की जरूरत महसूस की जा रही है। इसके मद्देनजर गृह और स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुमति और राज्य सरकारों की सहमति के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया गया है। हरी झंडी मिलने के साथ ही ट्रेनों का संचालन शुरु किया जा सकता है।' हालांकि ट्रेनों के नार्मल संचालन को लेकर रेलवे फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहा है।

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