नौसेना कमांडरों की बैठक में ऑपरेशनल तैयारियों और ऊर्जा सुरक्षा पर होगी चर्चा, रक्षा मंत्री करेंगे शिरकत
भारतीय नौसेना का शीर्ष नेतृत्व 29 सितंबर से शुरू हो रहे द्विवार्षिक सम्मेलन में ऑपरेशनल तैयारियों और ऊर्जा सुरक्षा सहित समुद्री हितों की समीक्षा करेगा।

नौसेना कमांडरों की बैठक में ऑपरेशनल तैयारियों पर चर्चा।
HighLights
नौसेना कमांडरों का द्विवार्षिक सम्मेलन 29 सितंबर से शुरू होगा।
ऑपरेशनल तैयारियों और ऊर्जा सुरक्षा पर व्यापक समीक्षा की जाएगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सम्मेलन में मार्गदर्शन साझा करेंगे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारतीय नौसेना का शीर्ष नेतृत्व 29 सितंबर से शुरू हो रहे तीन दिवसीय द्विवार्षिक सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा सहित भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने में अपने योगदान और अपनी
ऑपरेशनल तैयारियों की व्यापक समीक्षा करेगा।
अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि सेना के शीर्ष स्तर के कमांडर सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजासुब्रमणि और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन शामिल होंगे।
सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ भी सम्मेलन में प्रतिभागियों से संवाद करेंगे। नौसेना का यह द्विवार्षिक सम्मेलन 29 सितंबर से एक अक्टूबर तक यहां नौसेना भवन में आयोजित किया जाएगा।
नौसेना प्रवक्ता ने कहा- "भारतीय नौसेना के सर्वोच्च स्तर के मंच के रूप में यह सम्मेलन वरिष्ठ नौसैनिक नेतृत्व, जिसमें आउटस्टेशन आपरेशनल और क्षेत्रीय कमांडर शामिल हैं, को सैन्य-रणनीतिक स्तर पर ऑपरेशनल तैयारियों की व्यापक समीक्षा करने और एक संस्थागत तंत्र के जरिये वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ संवाद करने का अवसर प्रदान करता है।"
उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच ऊर्जा सुरक्षा सहित भारत के समुद्री हितों की रक्षा में नौसेना के योगदान को रेखांकित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सम्मेलन के पहले दिन रक्षा मंत्री राष्ट्रीय समुद्री दृष्टिकोण और भारतीय नौसेना से अपेक्षाओं को लेकर अपने सोच और मार्गदर्शन साझा करेंगे। अधिकारी ने बताया कि सीडीएस और सेनाध्यक्ष भी नौसेना के कमांडरों के साथ संवाद करेंगे, ताकि तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और एकीकरण को मजबूत किया जा सके।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
