हैदराबाद (जेएनएन)। दक्षिण भारत में एक ग्रामीण महिला ने केवल इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि नोटों पर पाबंदी लगने से वह भयभीत हो गयी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 व 1000 के पुराने नोटों पर पाबंदी की घोषणा से महिला अपनी जमापूंजी को लेकर काफी डर गयी। उसे चिंता थी कि उसके द्वारा बचाए गए पैसे अब व्यर्थ हो गए।

पुलिस ने इस मामले की पुष्टि की कि 55 वर्षीया कांदुकुरी विनोदा के पास 1000 और 500 रुपये वाली बड़ी राशि थी। और प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद वह इस बात से डर गयी कि उसके पास मौजूद जमा पूंजी बेकार हो जाएगा। स्थानीय पुलिस ऑफिसर, राज ने बताया,’ महिला के परिजनों के अनुसार, नोट पर पाबंदी की बात सुन उसने आत्महत्या कर ली।‘

पूर्वी हैदराबाद के महबूबाबाद जिले की विनोदा ने पिछले माह अपनी कुछ जमीन बेच दी थी और इसके लिए उसे करीब 5.5 मिलियन रुपये नकदी के रूप में मिले थे। इसमें से कुछ रकम उसने अपने पति के इलाज में खर्च किया था और बाकि बची राशि से जमीन खरीदने की योजना बनायी थी। गांवों में रहने वाले अधिकांश भारतीय अपने घर में बड़ी राशि रखते हैं क्योंकि ऐसा करने से वे टैक्स देने से बचते हैं साथ ही सूदूर इलाकों में बैंकों की भी कमी होती है। काले धन व भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह घोषणा की है।

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Posted By: Monika minal

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