युद्ध विराम पर अनिश्चतता: असमंजस में निर्यातक, व्यापारी तलाश रहे वैकल्पिक बाजार
ईरान-अमेरिका युद्धविराम की अनिश्चितता से पश्चिम एशिया को निर्यात करने वाले भारतीय व्यापारी चिंतित हैं। मार्च में निर्यात प्रभावित हुआ है, जिससे कुल वस्तु निर्यात में गिरावट की आशंका है।


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राजीव कुमार, नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच अगले दो सप्ताह के लिए युद्ध विराम की घोषणा से पश्चिम एशिया में निर्यात करने वाले व्यापारियों ने थोड़ी राहत की सांस ली थी।
लेकिन युद्धविराम पर अनिश्चतता से पश्चिम एशिया में निर्यात करने वाले कारोबारी फिर से मायूस हो गए हैं। उनका कहना है कि अब उनके पास वैकल्पिक बाजार तलाशने के सिवा कोई चारा नहीं है।
वैकल्पिक बाजार की तलाश करना और नए बाजार में ग्राहक बनाना आसान काम नहीं होता है, लेकिन अब उन्हें यही करना पड़ेगा।
अनिश्चितता से भारतीय निर्यातक चिंतित
भारत के कुल निर्यात में पश्चिम एशिया की हिस्सेदारी तकरीबन 20 प्रतिशत है। कृषि व प्रोसेस्ड फूड का भी बड़ी मात्रा में खाड़ी व पश्चिम एशिया के अन्य देशों में निर्यात होता है।
युद्ध के कारण मार्च महीने में पश्चिम एशिया में भारत का निर्यात बुरी तरह से प्रभावित रहा और इस कारण मार्च में होने वाले कुल वस्तु निर्यात में पिछले साल मार्च के मुकाबले गिरावट की पूरी आशंका है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशंस (फियो) के अध्यक्ष एस.सी. रल्हन का मानना है कि मार्च के वस्तु निर्यात में सात-आठ प्रतिशत की गिरावट हो सकती है। आगामी 15 अप्रैल को मार्च के निर्यात का आंकड़ा सरकार जाहिर करेगी।
माल सप्लाई करने में असमंजस
बासमती चावल निर्यातकों ने बताया कि पश्चिम एशिया में माल सप्लाई करने में दिक्कत को देखते हुए उन्होंने लैटिन अमेरिका व यूरोप के बाजार पर फोकस करना शुरू किया है और इन बाजार से पहले की तुलना में अधिक आर्डर मिलने लगे हैं।
विदेश व्यापार महानिदेशालय भी वैकल्पिक बाजार की तलाश करने में निर्यातकों की मदद कर रहा है। पश्चिम एशिया के देश यूएई में भारत अमेरिका के बाद सबसे अधिक निर्यात करता है। गत वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-फरवरी में भारत का नौ प्रतिशत निर्यात अकेले यूएई में किया गया।
युद्ध के कारण गत मार्च महीने से यूएई के निर्यात में गिरावट आ गई है। इसकी भरपाई के लिए सिंगापुर, मलेशिया, हांगकांग, जर्मनी, इटली, दक्षिण अफ्रीका, पेरू, चिली जैसे देशों में निर्यात की संभावना तलाशी जा रही है।
