नई दिल्ली, एएनआइ। दुश्मन के टैंकों को नष्ट करने और सैनिकों को ले जाने के लिए भारतीय सेना को 1750 फ्यूचरिस्टिक इन्फैंट्री कॉम्बैट वीइकल की जरूरत है। इसके लिए सेना ने फ्यूचरिस्टिक इन्फेंट्री कॉम्बैट वीइकल के अधिग्रहण की योजना के लिए सूचना के लिए अनुरोध जारी किया है। भारतीय सेना का कहना है कि वह पूर्वी लद्दाख जैसे इलाकों में वाहनों को तैनात करना चाहती है। इसके तहत सेना को हर साल 75-100 कॉम्बैट मिल सकेंगे।

एफआइसीवी परियोजना लंबे समय से योजना में है और हाल ही में लद्दाख संघर्ष के दौरान टैंक-बस्टिंग क्षमताओं से लैस एक आधुनिक सैनिक वाहक की जरूरत महसूस की गई थी। लद्दाख में अनुभवों के कारण, भारतीय सेना प्रदर्शन-आधारित लॉजिस्टिक्स, विशिष्ट प्रौद्योगिकियों, इंजीनियरिंग सहायता पैकेज और अन्य रखरखाव और प्रशिक्षण आवश्यकताओं के साथ-साथ चरणबद्ध तरीके से 350 हल्के टैंक प्राप्त करने की संभावना भी देख रही है। भारतीय सेना ने कहा कि लाइट टैंकों को 'मेक-इन-इंडिया' और रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (डीएपी)- 2020 के तहत खरीदने की योजना है। भारतीय सेना ने निर्दिष्ट किया कि वह चाहती है कि उसके 25 टन से कम के टैंक का उपयोग उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र (HAA), सीमांत इलाके (रण), उभयचर संचालन आदि में संचालन के लिए किया जाए।

Edited By: Neel Rajput