गुवाहाटी, पीटीआइ। भारतीय सेना की पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कालिता ने सोमवार को कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) अरुणाचल प्रदेश में पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बुनियादी ढांचे की क्षमता में वृद्धि कर रही है। इसके तहत वह वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के नजदीक अपने सड़क, रेल और हवाई संपर्क के साथ-साथ 5जी नेटवर्क को लगातार अपग्रेड कर रही है।

भारत भी तेजी से कर रहा काम

पूर्वी कमान के जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल कालिता ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भारत भी सीमा पर किसी भी हालात से निपटने के लिए अपने बुनियादी ढांचे और क्षमताओं को लगातार अपग्रेड कर रहा है।

क्‍या है चीन की मंशा

उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'तिब्बत क्षेत्र में एलएसी पर बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर निर्माण हो रहा है। दूसरा पक्ष अपने सड़क, रेल और हवाई संपर्क के साथ 5जी नेटवर्क को भी लगातार अपग्रेड कर रहा है ताकि किसी भी हालात में कार्रवाई करने और सेनाओं को मोबिलाइज करने में उसकी स्थिति बेहतर रहे।'

चीन ने एलएसी के नजदीक बसाए गांव

लेफ्टिनेंट जनरल कालिता ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने एलएसी के नजदीक सीमावर्ती गांवों को भी बसाया है ताकि उनका दोहरे उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा, 'हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। हम भी अपने बुनियादी ढांचे व क्षमताओं के साथ साथ हालात से निपटने के लिए तंत्र को अपग्रेड कर रहे हैं। इससे हमारी स्थिति मजबूत हुई है।'

खराब मौसम सबसे बड़ी चुनौति

पूर्वी कमान के प्रमुख ने माना कि अग्रिम इलाकों में क्षमता एवं बुनियादी ढांचा वृद्धि में दुर्गम इलाके और खराब मौसम सबसे बड़ी चुनौतियां रही हैं। साथ ही उन्होंने जोर देकर करहा कि भारतीय सेना उच्चस्तर की आपरेशनल तैयारियों के साथ पूरी तरह तैयार है।

पूर्वोत्तर के उग्रवादियों ने खोया वैचारिक समर्थन

लेफ्टिनेंट जनरल कालिता ने कहा कि पूर्वोत्तर के उग्रवादी समूह अपना वैचारिक आधार खो चुके हैं। वे वसूली और हथियारों व ड्रग्स की तस्करी के दम पर अपना वजूद बनाए हुए हैं। साथ ही उन्होंने प्रतिबंधित उल्फा (आइ) द्वारा चलाए गए भर्ती अभियान पर चिंता व्यक्त की और युवाओं से उसमें शामिल नहीं होने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि जो भी युवा उल्फा (आइ) में शामिल हो रहे हैं, उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि है।

नगालैंड में नागरिकों की हत्या की कोर्ट आफ इंक्वायरी पूरी

लेफ्टिनेंट जनरल कालिता ने कहा कि नगालैंड में पिछले साल चार दिसंबर को सैनिकों द्वारा 12 से ज्यादा नागरिकों को मार गिराने की घटना की सेना ने कोर्ट आफ इंक्वायरी पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि यह पहचान में गलती और फैसला लेने में त्रुटि का मामला था।

जांच रिपोर्ट मिली

राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित किया था और उसकी रिपोर्ट भी सेना को मिल गई है। दोनों का विश्लेषण किया जा रहा है। इस घटना में ओटिंग में सुरक्षा बलों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में घर लौट रहे छह खनन श्रमिकों की मौत हो गई थी। बाद में क्रुद्ध ग्रामीणों के सैनिकों के साथ संघर्ष में सात अन्य की मौत हो गई थी।

Edited By: Krishna Bihari Singh