नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय सेना ने शुक्रवार को कमांडरों के सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया कि भारतीय सेना देश को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण देने के साथ उभरती हुई चुनौतियों से निपटेगी। सेना ने ये भी कहा कि वो आतंक को देश के किसी भी कोने में पैर पसारने नहीं देगी।

इसके साथ ही भारतीय सेना में महिला अधिकारियों के रोल को लेकर भी बात की गई। सेना ने कहा कि स्थायी  कमीशन को ध्यान में रखते हुए महिला अधिकारियों को विदेशी भाषाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्रबंधन, साइबर और अंतरिक्ष डोमेन में माहिर बनाने के लिए जांच की जा रही है।

सम्मेलन में महिला अधिकारियों की भूमिका की सराहना करने और संगठनात्मक आवश्यकताओं के साथ आसानी से रोजगार मिले को लेकर सभी ने सहमति जताई है।

जानें क्या है स्थायी कमीशन 
स्थायी कमीशन दिए जाने का मतलब है कि अब महिलाएं रिटायरमेंट की उम्र तक सेना में काम कर सकती हैं। वो अपनी मर्जी के मुताबिक और फिर रिटायरमेंट की उम्र खत्म होने पर नौकरी छोड़ सकती हैं। 

शार्ट सर्विस कमीशन की तरफ से महिला अधिकारियों को सेवा के आखिरी चार साल जब पूरे हो जाएंगे तब उन्हें स्थायी कमीशन का विकल्प दिया जाएगा।

Posted By: Atyagi.jimmc

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