नई दिल्‍ली, एएनआइ। बीते दिनों संसद के दोनों सदनों से पास नागरिक संशोधन विधेयक 2019 पर राष्‍ट्रपति द्वारा मुहर लगाए जाने के बाद अब यह कानून (Citizenship Amendment Act 2019) का रूप ले चुका है। इस अधिनियम के खिलाफ पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है। विरोध की आग भड़काने के काम में कुछ राष्‍ट्र विरोधी तत्‍वों के शामिल होने की बात भी सामने आ रही हैं। इसे देखते हुए सेना ने लोगों को सचेत रहने के लिए कहा है। 

भारतीय सेना ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से फेक न्‍यूज और झूठी सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने की गुजारिश की है। सेना ने कहा है कि पूर्वोत्‍तर में उसकी कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ संदिग्ध लोगों द्वारा फैलाई जा रही फर्जी खबरों से सावधान रहने की जरूरत है। सेना के मुताबिक, लोग ऐसी झूठी खबरों पर ध्‍यान न दें। इस बीच, असम में हिंसक प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए राजधानी गुवाहाटी में लगाए गए कर्फ्यू में शनिवार सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक ढील दी गई है। 

बता दें कि इस अवधि में विरोध प्रदर्शनों के कारण सुरक्षा व्यवस्था की स्थितियों को देखते हुए असम में सेना की कम से कम 26 टुकड़ियां तैनात की गई हैं। यही नहीं असम के 10 जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को और अगले 48 घंटे तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। असम के जिन जिलों में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित रखा गया है उनमें लखीमपुर, तिनसुकिया, धेमाजी, डिब्रूगढ़, चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, कामरूप शामिल हैं। 

संशोधित नागरिकता कानून के तहत 31 दिसंबर, 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ्गानिस्तान से भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के शरणार्थियों को अवैध नहीं माना जाएगा। इन लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान की जाएगी। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बीते बृहस्पतिवार की रात को नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 को अपनी संस्तुति प्रदान की ज‍िसके साथ यह कानून बन गया था। 

यह भी पढ़ें- नागरिकता कानून को नहीं रोक सकती राज्य सरकारें, हर हाल में करना होगा लागू

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस