भारतीय सेना के सूर्य कमांड ने रचा इतिहास, पहली बार कॉम्बैट डॉग ने हैंडलर संग किया पैराशूट जंप
सेना के कुत्तों को अब हवाई आपरेशनों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें पैराशूट जंप भी शामिल है।

सेना के कुत्तों को हवाई आपरेशनों के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है

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नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। जमीन पर लड़ाई के कामों में अपनी काबिलियत साबित करने के बाद अब सेना के कुत्तों को हवाई आपरेशन के लिए भी ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसमें हवाई जहाज से पैराशूट जंप भी शामिल है।
सटीकता और लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार रहते हुए सेना के एक पैराट्रूपर ने मध्य भारत के बेहट ड्राप जोन पर डाग हैंडलर और उसके लड़ाकू कुत्ते के साथ संभवत: पहली टैंडेम पैराशूट जंप लगाई। यह सामान्य प्रशिक्षण नहीं था, बल्कि इसमें पैराट्रूपर, हैंडलर और कांबैट डाग सभी पूरे युद्ध सामग्री और हथियारों के साथ विमान से कूदे।
सूर्य कमांड ने एक्स पोस्ट में कहा कि इस जंप को जो बात खास बनाती है, वह है पैराट्रूपर, डाग हैंडलर और कांबैट डाग का एक साथ नीचे उतरना, जबकि उन्होंने पूरा कांबैट सामान भी साथ ले रखा हो। ऐसा माना जाता है कि यह हैंडलर और उसके डाग के साथ किए गए ऐसे टैंडेम डिसेंट के शुरुआती मामलों में से एक है।
यह उपलब्धि कुत्ते के साथ पहले किए गए फ्री-फल जंप पर आधारित है और मुश्किल आपरेशन्स के लिए सैनिक और कुत्ते को तैयार करने की दिशा में एक और कदम है।
सूर्य कमांड ने कहा, "यह भरोसा, टीमवर्क और सैनिक व कुत्ते के बीच अटूट बंधन का एक शानदार उदाहरण है। वे साथ मिलकर मिशन के लिए तैयार हैं।" सूर्य कमांड की स्थापना 1962 में लखनऊ में की गई थी।
